ड्रॉ निकलने के नाम पर करते थे ठगी…

क्राइम ब्रांच ने लॉटरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वालों को किया गिरफ्तार

ग्वालियर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वलियर को जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्राईम ब्रांच के अपराध क्रमांक 168/19 में फरार, लकी ड्रॉ मे फर्स्ट प्राईज में कार जीतने का झांसा देकर ठगी करने वाले बदमाशों को दिल्ली में देखा गया है उक्त सूचना पर से एसएसपी ग्वालियर द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व/अपराध) राजेश डण्डौतिया को क्राईम ब्रांच की टीम का बनाकर मुखबिर सूचना की तस्दीक कर उक्त बदमाशों की गिरफ्तारी हेतु दिल्ली रवाना करने के निर्देश दिये। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशो के परिपालन उप पुलिस अधीक्षक अपराध रत्नेश तोमर व नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन मे कार्य करते हुये थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच की टीम बनाकर दिल्ली रवाना किया गया। क्राईम टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 30.03.2022 को ठ5। अशोका एन्क्लेव पार्ट 2, फरीदाबाद(हरियाणा) स्थित ऑफिस पर दबिश दी गई। क्राईम टीम को दबिश के दौरान उक्त स्थान पर एक कॉल सेंटर संचालित होता मिला। पुलिस टीम द्वारा वहां काम करने वाले लड़के-लड़कियों से बात करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त कॉल सेंटर दो व्यक्तियों द्वारा संचलित किया जाता है। 

क्राईम टीम द्वारा दोनों संचालकों को पकड़कर उनसे प्रकरण के संबंध मे पूछताछ करने पर उनके द्वारा ठगी करना स्वीकार किया गया। पकड़े गये दोनों व्यक्तियों ने पूछताछ में बताया कि हम लोग फर्जी लकी ड्रॉ निकाल कर लोगों से ठगी करते थे। क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा उनके ऑफिस की तलाशी लेने पर वहां से मिले लेपटॉप, फोन, सिमकार्ड, नोट बुक, इंटरनेट डोगल आदि को विधिवत जप्त किया गया। उक्त दोनों व्यक्ति वर्ष 2018 से यह ठगी का धंधा कर रहे थे। इनके द्वारा कॉल सेंटर पर काम करने वाली लड़कियों के जरिये लॉटरी में टीवी, फ्रिज, एसी, कार आदि निकलने के नाम पर लोगों को कॉल करवाया जाता था तथा उनसे ईनाम घर भिजवाने के नाम पर रूपये ट्रांसफर करवाये जाते थे। क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा की गई पूछताछ एक ओर ठगी के प्रकरण का भी खुलासा हुआ है साथ ही पकड़े गये व्यक्तियों के ऑफिस से मिले दस्तावेजों की जांच पर से यह भी ज्ञात हुआ कि इनके द्वारा देशभर में हजारों लोेगों से लॉटरी लगने के नाम पर करोड़ों की ठगी की गई है। उक्त दोनो आरोपियों द्वारा डायरेक्ट सेविंग एजेंट बनकर लोन देने की आड़ में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। इस कॉल सेंटर में 01 दर्जन से अधिक कर्मचारियों को उक्त कार्य हेतु लगाया गया था। 

उक्त आरोपियो द्वारा आम लोगों से की गई ठगी के रूपयों से दिल्ली मे 10 कमरों का आलीशान कॉल सेंटर बनाया गया था। क्राईम टीम द्वारा उक्त दोनों व्यक्तियों को थाना क्राईम ब्रांच के अपराध क्रमांक 168/2019 धारा 420 भादवि के प्रकरण में गिरफ्तार किया जाकर उनसे उनके साथियों तथा जिन खातों में वह रूपये ट्रांसफर करवाते उनके संबंध में पूछताछ की जा रही है। आरोपीगणों द्वारा ठगी करने के लिये फर्जी सिम, फर्जी बैैंक खातों का प्रयोग किया जाता था। ज्ञात हो कि वर्ष 2019 मे महिला की शिकायत पर से थाना क्राइम ब्रांच में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 168/2019 धारा 420 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया था। आरोपीगणों द्वारा एक फर्जी शॉपिंग वेबसाईट बनाई गई थी। जिस पर शॉपिंग करने वाले व्यक्तियों का लकी ड्रॉ मे उपहार निकलने के नाम पर लोगों से कई तरह के शुल्क के रूप में राशि लेकर ठगी करते थे बाद में फोन उठाना बंद कर देते थे। आरोपिगणों द्वारा मोटी रकम की ठगी की जाती थी। फरियादिया के साथ आरोपीगणों द्वारा 04 लाख 50 हजार रूपये की ठगी की गई थी।