कोई नहीं मिला तो आवास पर नोटिस देकर बैरंग ही वापस लौटी…

सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने पहुंची एमपी पुलिस

लखनऊ। सहारा कंपनी के प्रमुख और कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर सुब्रत रॉय सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने के लिए गुरुवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मध्य प्रदेश की पुलिस आई थी। लेकिन एमपी पुलिस को बैरंग ही वापस लौटना पड़ा। दरअसल, सुब्रत रॉय और अन्य आठ लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। इसलिए मध्यप्रदेश पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवास पर पहुंची। लेकिन पुलिस को उनके घर कोई नहीं मिला, तो अधिकारी आवास पर नोटिस देकर वापस लौट गई। 

इंस्पेक्टर रविंद्र शर्मा का कहना है कि सुब्रत राय पर मध्य प्रदेश के दतिया कोतवाली में धोखाधड़ी की धारा 420, 406 व निवेशकों के हित का संरक्षण अधिनियम की धारा 6(1) सहित 14 मामले दर्ज है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, सुब्रत रॉय के अलावा, स्वप्ना रॉय, अनिल कुमार पांडे, डीके श्रीवास्तव, रूमी दत्ता, करुणेश अवस्थी, राना जिया और अब्दुल दबीर के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। आरोप है कि सहारा कंपनी ने लोगों से पैसा जमा करवाएं और फिर मैच्योरिटी होने पर पैसा नहीं दिया था। इंस्पेक्टर रविंद्र ने बताया कि जब वो सुब्रत राय के घर पहुंचे, तो वहां वो मौजूद नहीं थे। जिसके बाद पुलिस ने उनके घर पर मौजूद सुब्रत के वकील को नोटिस देकर पांच मई तक कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अगर सुब्रत समेत सभी आरोपी पांच मई तक कोर्ट के सामने पेश नहीं होते हैं, तो फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

वहीं, सहारा कंपनी के लीगल एडवाइजर डीबी त्रिपाठी ने बताया कि ये सच है कि दतिया में कुछ निवेशकों ने कंपनी में पैसा निवेश किया था। कंपनी उनका पैसा लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है। भुगतान में देरी होने का कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहारा समूह की सभी चल अचल संपत्तियों को बेचने में रोक लगाई थी। हालांकि, समूह सेबी के एकाउंट में अब तक 25 हजार करोड़ रुपये जमा कर चुकी है। उसके बावजूद 9 सालों में सेबी ने महज 125 करोड़ का कुल भुगतान को किया है। जिस वजह से कंपनी निवेशकों को भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।