चौथी लहर की आहट !

देश के 29 जिलों में कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामले

देश में कोरोना ने फिर से पांव पसारना शुरू कर दिया है। ये चौथी लहर की आहट भी हो सकती है। कम से कम आंकड़े तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। मंगलवार को  दुनिया में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 50 करोड़ के पार पहुंचा। दुनिया के 10 देशों में कोरोना की चौथी लहर ने दस्तक भी दे दी है। इनमें अमेरिका, ब्राजील, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, रूस, इटली, फ्रांस, जापान, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। अब भारत के आंकड़े भी डरा रहे हैं। पिछले 28 दिनों के अंदर देश में 5,474 लोगों की मौत हुई है। इस बीच, 40 हजार 866 लोग संक्रमित पाए गए। हालांकि, राहत की बात ये भी है कि इन चार हफ्तों में संक्रमण से 58 हजार 158 लोग ठीक भी हुए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश 29 जिलों में कोरोना बेकाबू है। यानी, इन जिलों में पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से ज्यादा है। केरल के 14 जिलों में हालत सबसे ज्यादा खराब है। इन सभी जिलों में 10 प्रतिशत से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है। मतलब अगर 100 लोगों की जांच हो रही है, तो उनमें से 10 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। 

इसी तरह मिजोरम के सात जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से ज्यादा और तीन जिलों में 5 से 10 प्रतिशत पॉजिटिविटी रेट है। हरियाणा के गुरुग्राम की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां पॉजिटिविटी रेट 5.81% है। इसके अलावा मणिपुर और ओडिशा के एक-एक जिले ऐसे हैं जहां पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से ज्यादा है। अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग में तो जितने लोगों की जांच हो रही है, वो सभी संक्रमित पाए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में 12.5% की रफ्तार से नए केस मिल रहे हैं। देश में 11 अप्रैल को कोरोना के 796 नए केस दर्ज हुए, लेकिन तीन राज्यों के आंकड़ों में बड़ा इजाफा हुआ है। इनमें गुजरात, दिल्ली और हरियाणा शामिल हैं। गुजरात में रोज आने वाले मामलों में 42.4%, दिल्ली में 34.9% और हरियाणा में 18.1% का इजाफा हुआ है। दादरा और नागर हवेली, लक्षद्वीप में कोरोना ग्रोथ शून्य है, जबकि अन्य सभी राज्यों में निगेटिव ग्रोथ है। मतलब यहां नए मरीजों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या है। 

टेस्ट पॉजिटिविटी रेट पर नजर डालें तो इसमें केरल, मणिपुर, दिल्ली और हरियाणा आगे हैं। केरल में सबसे ज्यादा हर 100 में से 2.3% लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। मणिपुर में  पॉजिटिविटी रेट 1.5%, दिल्ली में 1.4% और हरियाणा में 1.1% है। अन्य यभी राज्यों में ये शून्य से नीचे है। बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने पांच राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर और मिजोरम के नाम शामिल हैं। मंत्रालय ने इन राज्यों से सतर्कता बढ़ाने के लिए कहा है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि इन राज्यों में डेली पॉजीटिविटी रेट बढ़ रहा है, यानी हर दिन मिलने वाले नए कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए राज्य सरकारें हालात की गंभीरता से समीक्षा करें और जरूरी होने पर कोविड-19 को लेकर नई गाइडलाइन भी जारी करें। संक्रमण से होने वाली मौतों का हमने एनालिसिस किया।

डेटा हैरान करने वाले हैं। 15 से 21 मार्च तक देश में 471 लोगों ने संक्रमण के चलते जान गंवा दी। लेकिन इसके अगले ही हफ्ते यानी 22 से 28 मार्च के बीच मरने वालों का आंकड़ा 4465 हो गया। 25 मार्च को सबसे ज्यादा 4100 मौतें जोड़ी गईं हैं। सबसे ज्यादा 4007 मौतें महाराष्ट्र और 81 मौतें केरल में दिखाई गई। महाराष्ट्र में डेटा संशोधित करने के चलते मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। राज्य सरकार ने यहां पुरानी मौतों को भी जोड़ा है। इस संख्या के चलते इस हफ्ते मरने वालों का आंकड़ा काफी अधिक बढ़ गया। इसके बाद 29 मार्च से चार अप्रैल के बीच 315 और 5 से 11 अप्रैल के बीच 223 मौतें हुईं। कोरोना से होने वाली मौतों को अगर प्रतिशत के हिसाब से देखें तो इसमें पंजाब आगे है। पंजाब में मृत्यु दर 2.3% है। मतलब पंजाब के हर 100 मरीजों में 2.3% मरीजों की मौत हो रही है। नगालैंड में 2.1%, महाराष्ट्र में 1.9%, उत्तराखंड में 1.8%, मेघालय में 1.7%, गोवा में 1.6% मृत्यु दर है। देश में अब तक 4.30 करोड़ लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 4.25 करोड़ लोग ठीक भी हो चुके हैं। 10 हजार मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। इनमें से 5.21 लाख मरीजों की संक्रमण के चलते मौत भी हुई है। 

ये बातें भी जानें -

गुजरात में कोरोना की रफ्तार बढ़ी है। इस बीच, यहां एक मरीज में कोरोना का नया वैरिएंट XE पाया गया है। यही नहीं राज्य में XM वैरिएंट के एक मामले का भी पता चला है।

आईआईटी कानपुर ने जून से चौथी लहर की आशंका जताई है।

संस्थान के प्रो. शलभ, प्रो. शुभ्रा शंकर धर के मुताबिक देश में 22 जून से चौथी लहर शुरू हो जाएगी। 23 अगस्त तक यह पीक पर पहुंचेगी और कम से कम अक्टूबर तक चलेगी।