बम-बम भोले के जयकारे से गूंजे शिवालय…

ग्वालियर में रही महाशिवरात्रि की धूम

 

महाशिवरात्रि पर शहर के प्रमुख शिव मंदिर अचेलश्वर, गुप्तेश्वर और कोटेश्वर महादेव समेत हजारेश्वर और भूतेश्वर पर रात 12 बजे से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सोमवार रात 12 बजे से ही शिवालय भक्तों के लिए खोल दिए गए थे। तभी से मंदिरों के बाहर दूर-दूर तक लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। अचलेश्वर मंदिर पर तो यह हाल था, यहां अचलनाथ तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को 1 से 2 घंटे लगे। करीब आधा किलोमीटर दूर से लाइन में पैदल चलकर लोग मंदिर तक पहुंचे हैं। मंगलवार को शहर के शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे। सड़कों पर जगह-जगह फलाहार वितरण किया जा रहा है। शहर का माहौल शिव भक्तिमय हो गया भक्ति में लोग कोविड को भूल गए हैं। 

तो मंदिरों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग नजर आई और ही चेहरे पर मास्क दिखे। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक अचेलश्वर महादेव पर रात 12 बजे से ही कांवड़ लेकर शिवभक्त आना शुरू हो गए थे। पहले उनके लिए गर्भगृह के पट खोले गए। अचलेश्वर महादेव, कोटेश्वर महादेव गुप्तेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया। इसके बाद शिव मंदिरों को आम भक्तों के लिए खोल दिया गया। दोपहर तक एक लाख से ज्यादा लोग दर्शन करने पहुंच चुके थे। यह पहला मौका है जब कोरोना काल के बाद किसी त्योहार पर मंदिरों में इतनी संख्या में भीड़ नजर रही है। क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर भी गुजर चुकी है और तीसरी लहर ने कुछ ज्यादा नुकसान नहीं किया है। ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीनेट हो चुके हैं।

महाशिवरात्रि पर्व पर श्री सनातन धर्म मन्दिर में विराजमान भगवान भोलेनाथ का दुल्हे के रूप में भव्य श्रंगार पुजारी संजय मुखरैया ने किया। इस अवसर परआचार्य रमाकान्त शास्त्री एवं मुख्य पुजारी पण्डित रमाकान्त शास्त्री के आचार्यत्व में  मंदिर के पदाधिकारियों अध्यक्ष कैलाश मित्तल, प्रधानमंत्री महेश नीखरा, नरेन्द्र मङ्गल,ओमप्रकाश गोयल,विमल माहेश्वरी,केदारनाथ, आदि ने भगवान महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक किया। 

लगभग 2 क्विंटल फलाहारी भोग भगवान को अर्पित करने के उपरांत सभी भक्तों में वितरित किया गया।भगवान का दर्शन हेतु एवं जलाभिषेक हेतु दर्शनार्थियों का सुबह से ही आना शुरू हो गया जो देर रात तक लगा रहा।भगवान चक्रधर का भी इस अवसर पर विशेष श्रृंगार हुआ।