महामंडलेश्वर रामेश्वरानंद महाराज के मुखारविंद से बह रही ज्ञान गंगा…

Dhrampuri मै चल रही श्रीमदभागवत कथा मै मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

 

Gwalior : श्री दादा जी धाम धर्म पुरी मन्दिर मै सद्गुरु भगवान् के वैकुण्ठ उत्सव मै चल रही श्रीमदभागवत कथा मै परम पूजनीय महामंडलेश्वर रामेश्वरानंद महाराज के मुखारविंद से बह रही भागवत जी की ज्ञान गंगा में भगवान के अनेक पावन चरित्रो के वर्णन के साथ भक्त प्रह्लाद जी की कथा, भगवान् वामन जी के जन्म की कथा, गजेन्द्र ग्राह मोक्ष की कथा, समुद्र मंथन की कथा एवं भगवान् राम जी के प्राक्ट्य की कथा के साथ आनंदकन्द परमानंद भगवान् बालकृष्ण जी का जन्मोत्सव बडी धूम धाम से मनाया गया।

पूज्य श्री ने कहा कि समय और परिस्थिति कभी भी बदल सकते हैं, कभी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए, छल कपट  झूठ का व्यवहार नहीं करना चाहिए। किसी को कमजोर मत समझो,आप भले ही कितने भी शक्तिशाली हो पर समय सबसे बड़ा शक्तिशाली है। हर किसी से वह व्यवहार करो जो आप दूसरों से स्वयं के लिए चाहते हैं।उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, मंथन के बाद ही अमृत प्राप्त होता है। राम नाम रूपी अमृत का यदि पान कर लिया जावे तो हलाहल विष भी कुछ बिगड़ नहीं सकेगा।

भगवान शिव ने विष का पान तो  किया पर उसे अपने कण्ठ में धारण कर लिया और तभी से वे नीलकण्ठ कहलाये। राजा बलि ने अपना सर्वस्व त्यागकर भी अपने वचन की रक्षा की, गुरु शुक्राचार्य का आदेश भगवान से विमुख करने वाला था तो उसे मानकर वामन भगवान के चरण अपने शीश पर धारण कर पाताल लोक का राज्य स्वीकार किया। इस अवसर पर सभी भक्तो ने बडे हर्ष के भगवान् की जन्म के उत्सव का आनंद लिया।