अंतरविभागीय समन्वय बैठक में सभी एसडीएम को दिए निर्देश…

माफियाओं की सूची तैयार कर अभियान बतौर करें सख्त कार्रवाई : श्री सिंह

 

ग्वालियर। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त माफियाओं की एक हफ्ते में सूची तैयार करें। साथ ही चिन्हित भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान बतौर कार्रवाई की जाए। इस आशय के निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में जिले के सभी एसडीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिए। सोमवार को यहाँ कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने भू-माफिया, खनन माफिया, मिलावटखोर चिटफंड जैसी अवैध गतिविधियों में लिप्त माफिया को सूचीबद्ध कर कार्रवाई करने की हिदायत दी है।  

बैठक में जानकारी दी गई कि एंटी माफिया अभियान के तहत जनवरी फरवरी माह के दौरान 69 अवैध निर्माण तोड़े गए और 60 एकड़ बेशकीमती जमीन भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई गई है। शासकीय जमीन पर अतिक्रमण की जुर्रत करने वाले सात भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसी अवधि में अवैध उत्खनन के 50 प्रकरण बनाए गए और अवैध उत्खनन करने वाले 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसी तरह खाद्य पदार्थों में मिलावट के 45 प्रकरण दर्ज कर सात एफआईआर दर्ज हुई हैं। 

इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वाले दो लोगों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराए गए हैं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सभी एसडीएम नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सख्ती के साथ अवैध कॉलोनियों को पनपने से रोकें। उन्होंने सभी एसडीएम को यह भी निर्देश दिए कि भू-अधिकार धारण अधिकार अधिनियम के तहत ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवारों को आवासीय जमीन के पट्टे दिलाएँ। उन्होंने इसकी धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि गाँव स्तर पर भी सकरे घरों में ऐसे परिवारों को भी आवासीय जमीन के पट्टे दिलाएँ, जिनकी सदस्य संख्या अधिक है। 

बैठक में सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में और तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही एक जिला-एक उत्पाद, एडॉप्ट इन आंगनबाड़ी अभियान, राजस्व वसूली, आयुष्मान कार्ड, कोविड टीकाकरण, ऊर्जा बचत, शिशु एवं मातृ मृत्यु दर, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था इत्यादि की समीक्षा भी की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी अपर कलेक्टर एच बी शर्मा सहित जिले के एसडीएम विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।