वाहन चोर गैंग के खिलाफ ग्वालियर पुलिस की प्रभावी कार्यवाही…

पुलिस ने चोरी की 12 मोटर सायकिल सहित दो शातिर चोरों को किया गिरफ्तार

 

ग्वालियर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर अमित सांघी के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले में वाहन चोरों की धरपकड़ हेतु प्रभावी अभियान शुरू किया गया है। दिनांक 15.02.2022 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर को जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि थाना बहोड़ापुर क्षेत्रान्तर्गत मोतीझील के पास दो शातिर वाहन चोर, चोरी की मोटर सायकिल लिये खड़े हुए हैं। मुखबिर की सूचना पर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने अति. पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात) अभिनव चैकसे,भापुसे को थाना बहोड़ापुर की पुलिस टीम बनाकर मुखबिर के बताये अनुसार शातिर वाहन चोरों की तस्दीक कर पकड़ने हेतु निर्देष किया गया।

अति. पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात) द्वारा सीएसपी ग्वालियर के मार्गदर्षन तथा थाना प्रभारी बहोड़ापुर के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाकर उक्त वाहन चोरों को पकड़ने हेतु लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में सीएसपी ग्वालियर नागेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में उक्त सूचना पर कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी बहोड़ापुर अमर सिंह सिकरवार के नेतृत्व में थाना बहोड़ापुर की पुलिस टीम को वाहन चोरों को पकड़ने हेतु भेजा गया।

पुलिस टीम को मोतीझील के पास दो संदिग्ध व्यक्ति खड़े दिखे, पुलिस टीम को देखकर दोनों संदिग्धों ने मोटर सायकिल लेकर भागने का प्रयास किया, जो हड़बड़ी में रोड़ पर गिर पड़े। पुलिस टीम द्वारा दोनों को मय मोटर सायकिल सहित धरदबोचा। पकडे़ गये दोनों संदिग्ध व्यक्तिों से मोटर सायकिल के संबंध में पूछताछ करने पर उन्होने चोरी का होना बताया। पुलिस टीम द्वारा की गई गहन पूछताछ में पकड़े गये दोनों शातिर वाहन चोरों की निषादेही पर चोरी की 12 मोटर सायकिल बरामद की गई। पकड़े गये एक वाहन चोर से पुलिस टीम द्वारा 08 चोरी की मोटर सायकिल तथा दूसरे के कब्जे से 04 चोरी की मोटर सायकिल बरामद की गई।

बरामद मोटर सायकिल में स्प्लेण्डर, पेषन प्रो, सीडी डीलक्स, टीव्हीएस, बजाज पल्सर आदि दो पहिया वाहन शामिल हैं। पकड़े गये वाहन चोरों से जिले में हुई वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में पूछताछ की जा रही है तथा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन शातिर वाहन चोरों द्वारा चोरी के वाहनो को कहां-कहां पर ठिकाने लगाया जाता था। प्रारम्भिक पूछताछ में वाहन चोरों ने बताया कि वह अपने गैंग के साथ दो पहिया वाहनों को चोरी कर पार्किंगों में खड़ा कर देते थे, कुछ समय बाद ग्राहक तलाश कर चोरी के वाहन को पार्किंग से उठाकर 5-10 हजार रूपये में बैच देते थे।