व्यापारी उवाच ! 

            सख्त लॉक डाउन जिसमें...

 आप चुनावी रैलियों में शामिल हो सकते हो...

 सत्ता धारी प्रदेश (जिसकी जहां सत्ता है)उस

 पार्टी के लोग धरना प्रदर्शन,धार्मिक आयोजन

 (मेले) आदि कर सकते हैं।

 आप बैंक जा सकते है...

 आप सरकारी कार्यालय जा सकते हैं...

 आप रेस्टोरेंट से खाना मांगवा सकते हैं...

 आप दारू की दुकान पर लाइनें लगा सकते हैं..

 सब्जी मंडियों में भीड जुटा सकते है...

 फैक्ट्रियां खोल सकते हैं...

 रोडवेज बस, ट्रेन, ऑटो में सफर कर सकते हैं...

 आप शादी भी कर सकते हैं शामिल भी हों सकते है...

 मॉर्निंग वॉक... नाइट वॉक... सब कर सकते हैं...

 लेकिन ......

 दुकान नहीं खोल सकते...

 क्योकी दुकान खुल जाएगी... तो

 कोरोना ब्लास्ट हो जाएगा...

 इस तरह हमारी सरकार ने हमारा

 जीवन और जीविका ... दोनो को बचा लिया।

  अतिक्रमण वाले व्यापारी के पीछे

 लॉकडाऊन वाले व्यापारी के पीछे

 चोर उच्चके- व्यापारी के पीछे,

पुलिस वाले - व्यापारी कै पीछे,

इनकम टेक्स वाले- व्यापारी कै पीछे,

सेल्स टेक्स वाले - व्यापारी कै पीछे,

हॉलमार्क वाले- व्यापारी के पीछे,

एक्ससाइज़ वाले- व्यापारी के पीछे,

सविॅस टैक्स वाले - व्यापारी के पीछे,

प्रोफेशनल टैक्स वाले- व्यापारी के पीछे,

वैल्थ टैक्स वाले - व्यापारी के पीछे

MCD व्यापारी के पीछे

 सीलिंग वाले व्यापारी के पीछे

 सरकार - व्यापारी के पीछे

आर्मी बाकि रह गयी

वो भी लगा दो व्यापारी के पीछे

अभी तक ये समझ में नही आया...

हम व्यापारी लोग देश की जनता को सामान बेचते हैं या RDX... !