नव वर्ष आपका मंगल हो…

हर ओर खुशी का दंगल हो।

नव वर्ष आपको मंगल हो।।

कष्ट भूल कर गत वर्षों के।

करें याद अब दिन हर्षों के।।

मंगल पर अपना दंगल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

नयें वर्ष का कर अभिनन्दन।

कर श्रृंगार और कर वंदन।।

आतंक का ना कोई दंगल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

व्यापारी अब दाम घटायें।

अपना उत्पादन खूब बढ़ाएं।।

निर्यात का खूब दबंगल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

फिर चले चवन्नी और अट्ठनी।

सोने चांदी की हो गिन्नी।।

कागज की हटे रुपल्ली हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

नेता जो-जो वादे कर जीते।

अब उनके हाथ रहे ना रीते।।

पूरी निधि भरी कमंडल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

जनता का दिल जीतें इसमें।

वादे पूरे कर दें जिसमें।।

भविष्य सभी का उज्जवल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

हर्षित बने देश का बहुजन।

नगर गांव सब सुविधा हर जन।।

खेतों में फसल सुमंगल हो।

नव वर्ष आपका मंगल ह।।

आस पास सब स्वस्थ रहें।

सबको मिल जाये विद्या धन।।

पड़े लिखे सब चंगल हों।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

हर ओर देश की महिमा हो।

नारी की सुरक्षित गरिमा हो।।

कन्या सबका हित सम्बल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

हर ओर धरा पर हरियाली।

हर मुख पर छायी हो लाली।।

घनघोर धरा पर जंगल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

अब कोई नहीं महामारी हो।

जनता ना अब बेचारी हो।।

सुविधा का भरा कमंडल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।

कहें प्रभाकर जागे शासन।

सबको इज्जत सबको राशन।।

भूखा ना कोई कंगल हो।

नव वर्ष आपका मंगल हो।।