MP में अफवाहों पर लगाम के लिए दिशानिर्देश जारी…

कोविड 19 से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने पर मिलेगी सजा

 

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोविड 19 से जुड़ी सूचनाओं के लिए नया नियम जारी किया गया है। इसके मुताबिक बिना तथ्यों की जांच और बिना किसी अफसर की पूर्व अनुमति महामारी से जुड़ी कोई भी सूचना प्रसारित करना दंडनीय अपराध होगा। इस संबंध में मध्य प्रदेश एपिडेमिक डिजीज कोविड 19 रेगुलेशन 2022 से जुड़ा निर्देश भी जारी किया गया है। इसके मुताबिक मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने कोरोना के संबंध में जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति, संस्थान या संगठन, प्रिंट, इलेक्ट्रानिक या सोशल मीडिया पर कोरोना से जुड़ी कोई भी सूचना प्रसारित नहीं कर सकता है। इसके पूर्व उसे तथ्यों की पुष्टि करनी होगी.

साथ ही किसी अधिकारी से पूर्व अनुमति भी लेनी होगी। जिन अफसरों को पूर्व अनुमति के लिए अधिकृत किया गया है,उनमें एडिशनल चीफ सेक्रेट्री, प्रिंसिपल सेक्रेट्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कमिश्नर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कमिश्नर मेडिकल एजुकेशन, डायरेक्टर परिवार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी हैं। बताया गया है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोरोना से जुड़ी किसी भी तरह की गलत जानकारी के फैलने पर रोक लगाई जा सके। किसी व्यक्ति या संस्थान के इस तरह की गतिविधि से जुड़ा पाए जाने पर उसके खिलाफ समुचित धाराओं में दंडात्मक कार्रवाई होगी। इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों के लिए भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक कोरोना संक्रमित पाए जाने पर या कोरोना का संदेह होने पर सभी स्वास्थ्य निर्देशों का बाकायदा पालन करना होगा।

अगर इलाज या होम क्वारंटीन के लिए कहा गया है ,तो पूरी तरह से इसे फॉलो करना होगा। सभी निर्देशों को उचित ढंग से पालन करने वालों के खिलाफ संबंधित जिला मजिस्ट्रेट सीआरीपीसी की धारा 133 या अन्य समुचित धाराओं में कार्यवाही करने को स्वतंत्र होंगे। अगर कोई नाबालिग ऐसी हरकत करता है तो उसके गार्जियन परिवार के वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ कार्यवाही होगी। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि यह सभी दिशानिर्देश अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए जारी की गई हैं। कोरोना जैसी महामारी को लेकर गलत सूचनाओं से लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।