राष्ट्र को बचाने के लिए स्व को बचाना होगा:पराड़कर 

भारत की संस्कृति और विरासत है योग:जोशी     

  


जब हमारे स्व पर हमला होता है तो राष्ट्र नष्ट होता है। इसलिए राष्ट्र को बचाने के हमे अपने स्व को बचाना होगा।उपरोक्त उदगार साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर  पराड़कर ने शासकीय जिला योग प्रशिक्षण केंद्र में आदर्श योग क्लब प्रभारियों के प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर कहे। श्री पराड़कर ने कहा कियह वर्ष हमारी स्वाधीनता का 75वां वर्ष है। 15 अगस्त 1947 को हम स्वाधीन हुए। हमने अपने देश के सूत्र देश को आगे चलाने के लिए स्वयं के हाथों में लिए। स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर हमारी यात्रा का वह प्रारंभ बिंदु था। हम सब जानते हैं कि हमें यह स्वाधीनता रातों-रात नहीं मिली । स्वतंत्र भारत का चित्र कैसा हो, इसकी भारत की परंपरा के अनुसार समान-सी कल्पनाएं मन में लेकर, देश के सभी क्षेत्रों से सभी जाति-वर्गों  से निकले वीरों की तपस्या, त्याग और बलिदान से स्व के लिए  दासता के दंश को झेलता समाज भी एक साथ उनके साथ खड़ा रहा,तब शांतिपूर्ण सत्याग्रह से लेकर सशस्त्र संघर्ष तक सारे पथ स्वाधीनता के पड़ाव तक पहुंच पाए। पर क्या हमे स्व यानि संस्कृति का बोध है ?

 हम आज क्या पहन रहे हैं?क्या खा रहे हैं?हमारी भाषा क्या है? इस पर चिंतन की आवश्यकता है। श्री पराड़कर ने कहा कि तंत्र, राज और अधीनता ये तीन शब्द है और तीनो के साथ स्व जोड़ने से यह तीनों शब्द अपने अपने दिव्य रूप में प्रकट होने लगते हैं। इस अवसर जिला शिक्षा अधिकारी विकास जोशी ने कहा कि योग भारत की संस्कृति और विरासत से  जुड़ा हुआ है। संस्कृत में, योग का अर्थ है “एकजुट होना”। योग स्वस्थ जीवन जीने के तरीके का वर्णन करता है। योग में ध्यान लगाने से मन अनुशासित होता है। योग से शरीर का उचित विकास होता है और यह सुदृढ़ होता है।

इस अवसर पर जिला योग प्रभारी श्री दिनेश चाकणकर ने प्रशिक्षित योग क्लब प्रभारियों से उम्मीद जताई कि आपके माध्यम से ग्वालियर जिले के एक लाख से अधिक नौनिहाल सूर्यनमस्कार कर इतिहास रचेंगे। श्री चाकणकर ने योग क्लब प्रभारियों से आव्हान किया कि गांव गांव  और बस्ती बस्ती में योग की अलख जगाए तभी स्वस्थ भारत की कल्पना साकार होगी। इस अवसर पर संस्था प्राचार्य श्री विजय दीक्षित, विकासखंड योग प्रभारी श्री जयदयाल शर्मा,अरूण शर्मा, रुचि सचान, हेमंत त्रिवेदी, कृष्णपाल सिंह यादव,राजनारायण शर्मा आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।