2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान

विदेश मंत्री ने आतंकवाद और कट्टरवाद का मुद्दा उठाया



रूस के साथ 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद का मुद्दा उठाया. रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री स्तरीय बैठक के दौरान एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद की लंबे समय से चुनौतियां और हिंसक कट्टरवाद नई चुनौतियों में शामिल है. भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अफगानिस्तान में स्थिति का मध्य एशिया समेत व्यापक असर पड़ा है. समुद्रिक सुरक्षा हमारे बीच साझा चिंता का एक अन्य विषय है.

इससे पहले, व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस के रक्षा मंत्री के साथ उनके समकक्ष राजनाथ सिंह ने मुलाकात की. रूस के रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगु के साथ बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और रूस के संबंध बहुपक्षवाद, वैश्विक शांति, समृद्धि और आपसी समझ और विश्वास में समान रुचि के आधार पर समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं.

उभरती भू-राजनीतिक परिस्थितियों में आज वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन एक बार फिर हमारे देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण महत्व की पुष्टि करता है. राजनाथ ने कहा, रक्षा सहयोग हमारी साझेदारी के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है. मुझे उम्मीद है कि भारत-रूस साझेदारी पूरे क्षेत्र में शांति लाएगी और क्षेत्र को स्थिरता देगी. इस दौरान दोनों के बीच अहम समझौतों पर दस्तखत भी हुए.