केवल जय श्रीराम का नारा नहीं…

भगवान राम की तरह बनना भी पड़ेगा' : RSS चीफ 


फाइल फोटो

केवल जय श्री राम का नारा देने भर से काम नहीं चलेगा बल्कि उनके जैसा आचरण भी करना पड़ेगा. भागवत ने कहा कि आज़ादी के 75 सालों में देश को जहां पहुंचना चाहिए था वहां नहीं पहुंच पाया. मोहन भागवत रविवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में संत ईश्वर सम्मान समारोह में बोल रहे थे. जैसे ही भागवत के बोलने की बारी आई, वहां मौजूद लोगों ने जय श्री राम का नारा लगाना शुरू कर दिया.

नारे को बीच में ही रोकते हुए भागवत ने कहा कि सेवा में जोश नहीं, बल्कि होश होना चाहिए. भागवत ने भाषण के दौरान नारों का ज़िक्र करते हुए आगे कहा कि केवल जय श्री राम का नारा लगाना काफ़ी नहीं है, उनके जैसा बनना भी चाहिए ताकि लोगों की निःस्वार्थ सेवा की जा सके. संघ प्रमुख ने कहा कि सेवा में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता है.

कार्यक्रम में समाज की निस्वार्थ भावना से सेवा करने वाले संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया. भागवत ने कहा कि 75 वर्षों की आज़ादी के बाद भी भारत को जितना आगे बढ़ना चाहिए था उतना आगे नहीं बढ़ पाया. भागवत के मुताबिक़ देश अगर आगे बढ़ने के रास्ते पर चलेगा तो बढ़ेगा ही लेकिन अबतक उस रास्ते पर नहीं चले.

मोहन भागवत ने एक बार फिर कहा कि भारत ने कभी भी लेने का काम नहीं किया है, बल्कि देने का काम किया है और भारत भूमि की सभी संतानें सहोदर भाई जैसे हैं. भागवत के मुताबिक़ प्राचीन समय से ही लोग पूरे भारत की ज़मीन और लोगों को भारत का मान कर चलते आए हैं जबकि 130 करोड़ की आबादी वाला देश विविधता से भरा हुआ है.