रानी कमलापति रेलवे स्टेशन…

PM मोदी के दौरे से पहले बदला हबीबगंज स्टेशन का नाम

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर को भोपाल में दोबारा विकसित किए गए हबीबगंज रेलवे स्टेशन का शुभारंभ करेंगे. इस बीच 12 नवंबर को मध्य प्रदेश सरकार ने स्टेशन का नाम बदलने के लिए केंद्र सरकार को सुझाव दिया था. अब इस सुझाव को मंजूरी भी मिल गई है. मध्य प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्टेशन का नाम बदलने संबंधी प्रस्ताव भेजा था. इस पत्र में मध्य प्रदेश सरकार ने कहा था कि रेलवे स्टेशन के दोबारा नामकरण से गोंड रानी रानी कमलापति की विरासत और साहस को सम्मान मिलेगा. 

रानी कमलापति 18 वीं शताब्दी में गिन्नौरगढ़ पर शासन करती थीं. बता दें गोंड जनजाती, भारत में सबसे बड़ा आदिवासी समूह है, जिसकी आबाद तकरीबन 1 करोड़ 20 लाख है. मूलत: गोंड मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पाए जाते हैं. हालांकि मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद राज्य का सबसे बड़ा आदिवासी समूह भील हो गया है.मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिखे गए खत में यह भी कहा गया कि रेलवे स्टेशन का नाम बदलना, भारत सरकार द्वारा 15 नवंबर को "जनजातीय गौरव दिवस" के रूप में मनाने की योजना से भी मेल खाता है. 

15 नवंबर को जनजातीय नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा की याद में यह दिवस मनाया जाएगा. इसी दिन प्रधानमंत्री नए विकसित रेलवे स्टेशन का शुभारंभ करेंगे. नया विकसित हबीबगंज रेलवे स्टेशन करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है. नए ढांचों में अंडरग्राउंड रैंप, एस्कलेटर, नई पार्किंग और नई प्रशासनिक बिल्डिंग के साथ-साथ कुछ कमर्शियल स्पेस भी शामिल है. इसका विकास निजी क्षेत्र के समूह बंसल ग्रुप ने किया है।