सीज़ेरियन डिलीवरी के विरोध में एवं प्राकृतिक प्रसव सुनिश्चित कराने…

संकट मोचन हनुमान बालाजी मंदिर के सेवकों ने फूंका केंद्रीय मंत्री का पुतला

ग्वालियर। संकट मोचन हनुमान बालाजी मंदिर गोल पाड़ा के चरण सेवक जगबीर दास तोमर ने बताया कि सीज़ेरियन डिलीवरी के विरोध में एवम प्राकृतिक प्रसव सुनिश्चित कराने के लिए मंदिर के सेवकों के द्वारा जनवरी माह से आंदोलन चलाया जा रहा है। सेवकों के द्वारा संबंधित सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया गया। यहां तक कि 543 सांसदों को भी ज्ञापन दिए गए। 19 जून से प्रतिदिन एक सांसद का पुतला फूंका गया 100 सांसदों के पुतले फूंकने के बाद हर मंगलवार को एक केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंका गया। 

जगबीर दास का कहना है कि हम सभी प्राकृतिक रूप से प्राकृतिक अंगों से पैदा हुए हैं जानवरों के बच्चे प्राकृतिक रूप से प्राकृतिक अंगों से पैदा हो रहे हैं फिर इंसानी महिलाओं के पेट क्यों फाड़े जा रहे हैं। उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर क्यों किया जा रहा है। अघोषित परिवार नियोजन चलाया जा रहा है। जब पेट फाड़कर बच्चे पैदा होंगे तो 2 से अधिक बच्चे नहीं हो पाएंगे। प्राइवेट नर्सिंग होम्स के डॉक्टर लालच के कारण प्रसूताओं को डरा धमकाकर उल्टे सीधे बहाने बनाकर महिलाओं के पेट फाड़ कर प्रसव करा रहे है। 

जिसका मंदिर के सेवकों के द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में नो नवंबर मंगलवार को आठवें केंद्रीय ऊर्जा एवं भारी उद्योग में राज्यमंत्री का पुतला शाम 7:30 बजे मंदिर के गेट पर फूंका गया। पुतला जलाने वालों में किशन सिंह तोमर, संजय जैन, सुरेश गोयल, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, केशव तिवारी, राहुल महेश्वरी, कमल किशोर श्रीवास्तव, अरुण तिवारी, राज परेता, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, शिवराज सिंह सिकरवार, यशपाल सिंह तोमर, मोंटी तोमर, अंकित अग्रवाल, श्याम कुमार शर्मा, विजेंद्र कुमार वर्मा, आदि शामिल रहे।