बेमौसम बारिश ने मचाई तबाही; चेतावनी जारी

चेन्नई पर आसमान से बरसी आफत


चेन्नई: देश के दक्षिणी राज्यों में बेमौसम बारिश आफत की तरह बरस रही है. कुछ समय तक केरल में बेमौसम बारिश  का तांडव हुआ और अब ये हाल चेन्नई का हो गया है. पिछले कुछ दिनों से चेन्नई और आसपास के कई जिलों में हो रही बारिश ने लोगों के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं. सड़कें तालाब बन गई हैं. हालत ये हो गई है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं. लोगों पर बेमौसम बारिश वाली ये मुसीबत फिलहाल बने रहने की संभावना है 

चेन्नई इन दिनों बेमौसम बारिश का दंश झेल रहा है. नवंबर के महीने में बरसी इस आसमानी आफत ने चेन्नई वालों की जिंदगी को मुश्किलों भरा बना दिया है. जिधर भी नजर जाती है बारिश का पानी भरा हुआ दिखाई देता है. देश के सबसे बड़े मेट्रोपोलिटन शहरों में से एक चेन्नई की ये हालात देखकर कोई भी हैरान हो जाएगा. लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से शहर में पानी के निकलने की जगह ही नहीं बची है.

बता दें कि चेन्नई के पॉश इलाकों में से एक अशोक नगर और केके नगर का नजारा भयावह है. सोचिए चेन्नई के निचले इलाकों का क्या हाल हुआ होगा? नागपट्टिनम का भी यही हाल है. भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में बारिश का पानी जमने लगा है.

अभी तमिलनाडु के लिए परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं. मौसम विभाग ने चेन्नई समेत तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. चेतावनी के बाद एनडीआरएफ और पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है. पूरे पश्चिमी तमिलनाडु में भी आज भारी बारिश की चेतावनी है. चेन्नई और आसपास के कई जिलों के स्कूलों और कॉलेजों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है. गुरुवार को चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और तिरुवन्नामलाई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है.

चेन्नई में अब तक 1,723 लोगों को राहत शिविरों में ले जाया जा चुका है जो 22 जगहों पर हैं. अगर बुधवार को बारिश शहर में तबाही मचाती है तो 140 से ज्यादा शिविरों में लोगों को ले जाया जाएगा. आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण 11 लाख से अधिक भोजन के पैकेट जरूरतमंदों को बांटे जा चुके हैं. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया और खुद लोगों को खाने के पैकेट बांटे.

बेमौसम बारिश ने चेन्नई की हालत बद से बदतर बना दी है. चारों तरफ पानी से घिरे चेन्नई को राहत की जरूरत है और ये राहत फिलहाल उसे कब मिलेगी कहना बेहद मुश्किल है.