अटल प्रोग्रेस वे…

ग्वालियर सहित 4 जिलों में तैयार होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र

राजस्थान के कोटा से शुरू होकर श्योपुर, मुरैना और भिंड होते हुए इटावा तक प्रस्तावित 404 किमी लंबे अटल प्रोग्रेस वे के निकलने से अंचल में नई औद्योगिक क्रांति आ सकती है। मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एपीआईडीसी) ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्याेपुर के ऐसे 36 गांव की सूची राज्य शासन को भेजी है, जहां नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाएं हैं। प्रोग्रेस वे के दोनों ओर सरकार पहले से ही लॉजिस्टिक पार्क, शैक्षणिक संस्थान व वेयर हाउस आदि खोलने की तैयारी कर चुकी है।

प्रोग्रेस वे के दोनों ओर 500-500 मीटर के क्षेत्र को व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका लाभ अंचल के लगभग 160 गांवों को मिलेगा। अब तक की योजना के अनुसार श्योपुर के 48, मुरैना के 87 और भिंड के 25 गांव से होकर प्रोग्रेस वे निकलेगा। 404 किलोमीटर लंबे प्रोग्रेस वे को दो चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में कोटा से मुरैना तक का काम पूरा किया जाएगा। 

उसके बाद दूसरे चरण में मुरैना से भिंड से लगे इटावा हाईवे तक मिलान का का काम किया जाएगा। अटल प्रोग्रेस वे श्योपुर, मुरैना और भिंड से गुजरेगा। इसके बनने पर पूरे ग्वालियर अंचल को औद्योगिक विकास की नई राह मिलेगी और लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। चार जिलों के 36 गांव में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए शासन को सूची भेजी गई है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी - सुरेश शर्मा, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एमपीआईडीसी

ये गांव शामिल -

  • ग्वालियर : बड़ागांव, सिंगारपुरा, उदयपुर, मुरार, मेहरा, मोहनपुर, गिरगांव, शेखपुरा, खेरिया मिर्धा, बरेठा।
  • मुरैना : नंदवाना, बावड़ीपुरा, गोदाेली, अटार, जाबरोल, जाटोली, कुंवरपुर, टेंटरा, पचेर, छाहर, गूंज, खिरेंटा, किसरोली, मलवसई बस्तपुर, बड़वारी, मावई।
  • भिंड : घिराेंगी, बड़वारी, गड़ाजर, मावई,
  • श्योपुर : पांचो, नितनवास, घूघस, जिमरछा, जाखैर।