किसानों का ग्वालियर में रेल रोकने का ऐलान…

स्टेशन से लेकर रेलवे ट्रैक पर GRP, RPF ने बढ़ाई गश्त

ग्वालियर में किसान संगठनों की ट्रेनों को रोककर विरोध करने की चेतावनी के बाद से रेलवे स्टेशन हाई अलर्ट मोड पर है। यहां GRP, RPF ने स्टेशन पर बैरिकेड्स लगाए हैं और रेल की पटरियों के पास गश्त बढ़ा दी है। रेलवे पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और स्टेशन के नजदीक तक किसी को जाने की इजाजत नहीं है। बिना पूछताछ और वैद्य कारण के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। किसान ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। दोपहर में यहां और सख्ती कर दी जाएगी। स्थानीय पुलिस की प्लानिंग है कि फूलबाग पर किसान एकत्रित होंगे और उनको वहां से आगे नहीं बढ़ने दिया जाए। 

तीन कृषि कानून एवं लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में सोमवार दोपहर अखिल भारतीय किसान सभा रेल रोको आंदोलन करने जा रही है। रविवार को जैसे ही किसानों ने रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी थी। इससे इंटेलीजेंस अलर्ट मोड पर आ गए। इसके मद्देनजर GRP ने भोपाल से पुलिस जवान बुलाए हैं। RPF के जवानों की ड्यूटी ट्रैक पर लगाई गई है। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में बेरिकेड्स लगा दिए गए हैं। GRP की DSP शुभा श्रीवास्तव ने बताया कि GRP के 40 जवान भोपाल से आ गए हैं, जबकि 60 जवान पहले से हैं। इसी तरह दतिया, डबरा, ग्वालियर और मुरैना में ऐसे जवानों को तैनात किया गया है। 

RPF के थाना प्रभारी अजय कुमार का कहना था कि रेल पटरी किनारे भी चिह्नित स्थानों पर जवानों को तैनात किया जा रहा है। RPF के कमांडेंट आलोक कुमार ने SP अमित सांघी से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में चर्चा की थी। स्थानीय पुलिस भी किसानों को स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही घेरेगी। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव अखिलेश यादव ने बताया कि किसान दोपहर 12 बजे फूलबाग चौराहे से पदयात्रा शुरू करेंगे, जो लक्ष्मीबाई समाधि से पड़ाव होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। यहां शाम 4 बजे तक प्रदर्शन किया जाएगा और ट्रेनें रोकी जाएंगी। 

इस आंदोलन में भागीदारी के लिए काफी संख्या में लोग एकत्रित हो रहे हैं। रेल रोको आंदोलन के पहले पुलिस कंट्रोल रूम में किसानों के साथ पुलिस व प्रशासन की संयुक्त बैठक हुई। इसमें एडीएम एचबी शर्मा व एडिशनल एसपी सतेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से आंदोलन के स्वरूप पर चर्चा की। किसानों ने कहा कि वे डबरा व ग्वालियर स्टेशन पर रेल रोकेंगे। आंतरी व रायरू स्टेशन पर आंदोलन का असर नहीं रहेगा। दोनों अधिकारियों ने कहा कि वे प्रतीकात्मक आंदोलन करें। कहीं भी नियमों के खिलाफ काम होगा तो उनकी गिरफ्तारी होगी। समझाने के बाद भी किसान रेल रोकने पर अड़े हुए हैं।