जरूरी दवाइयों की कमी, हाईकोर्ट ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज से जवाब मांगा…

ग्वालियर में तेजी से बढ़ रहा है डेंगू का कहर !

ग्वालियर। ग्वालियर अंचल में डेंगू का कहर लगातार तेजी से बढ़ रहा है. जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 442 पर पहुंच गई है. 141 संदिग्ध मरीजों की सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनमें 42 को डेंगू होने की पुष्टि हुई है. इनमें ग्वालियर जिले के 30 नए डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. वहीं 12 अन्य जिलों के रहने वाले हैं. सबसे हैरान करने और चिंताजनक बात यह है कि जिले के 30 मरीजों में से 22 बच्चे डेंगू का शिकार हुए हैं. यही कारण है कि पिछले 1 महीने में जिले में डेंगू के 415 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से 245 बच्चे शामिल है. इस मामले में हाईकोर्ट ने गजरा राजा मेडिकल कॉलेज से जवाब मांगा है. मौसमी बीमारी और डेंगू के बढ़ते मरीजों के कारण अब जयारोग्य अस्पताल में आवश्यक दवाएं दवाओं की कमी होने लगी है. 

अस्पताल के अधीक्षक ने आदेश जारी किए है कि ओपीडी में डॉक्टर मरीजों को सिर्फ 7 दिन की दवा दे सकेंगे. यहीं वजह है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को अस्पताल से सिर्फ सप्ताह भर की ही दवा मिल पाएगी. ग्वालियर के महाराजपुरा, डीडी नगर और पिंटू पार्क में लगभग 106 डेंगू पीड़ित मरीज अभी तक सामने आ गए हैं. वहीं मुरार में 42 सिकंदर कंपू में 27 थाटीपुर में 26 तानसेन रोड में 22 दर्पण कॉलोनी में 21 सहित गोविंदपुरी, गांधीनगर, कंपू यहां तक की जयारोग्य चिकित्सालय समूह में भी डेंगू के केस सामने आ गए हैं. यही कारण है कि शहर के पॉश इलाकों में पांव पसार रहा डेंगू अब स्वास्थ्य महकमे के साथ प्रशासन के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ा करने लगा है.

जयारोग्य चिकित्सालय समूह के अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ ने यह आदेश जारी किया है कि मरीजों को लाल पर्ची पर 7 दिन से अधिक की दवा डॉक्टर ना लिखें. अगर कोई डॉक्टर 7 दिन से अधिक की दवा लिखता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल के सहायक अधीक्षक के अनुसार दवा का दुरुपयोग लगातार बढ़ रहा है. शिकायतों के बाद यह आदेश जारी किया है. प्रबंधन को उम्मीद है कि इसके जरिए दवाओं का सदुपयोग होगा. अनियमितताओं पर भी नियंत्रण नजर आएगा. अस्पतालों में दवाओं की होने लगी कमी: ग्वालियर के सीएमएचओ और नगर निगम कमिश्नर इलाकों में जाकर लार्वा सर्वे और नष्टीकरण कार्यों का जायजा ले रहे हैं. 

गौरतलब है कि इस समय ग्वालियर अंचल में मौसमी बीमारी मलेरिया और डेंगू के चलते जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सरकारी अस्पतालों के बेड फुल हो चुके हैं. अब इन बीमारियों से संबंधित जरूरी दवाओं की भी कमी होने लगी है. हाईकोर्ट ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज से मांगा जवाब: बच्चों में फैल रहे वायरल फीवर और इनफेक्शन को लेकर अधिवक्ता संगीता पचौरी ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका दायर की थी. इस याचिका पर मुख्य पीठ ने आदेश दिए हैं कि गजराराजा मेडिकल कॉलेज द्वारा गठित हाई पावर कमेटी इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट 21 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश करें. कमेटी यह भी बताए कि बच्चों को बीमारी से बचाने और उनके इलाज की क्या व्यवस्था और सुविधा है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि बीमार बच्चों की उचित देखभाल एवं इलाज अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही है.