दीपावली के बाद शुरु होगा महाअभियान…

दो डोज पूर्ण तो सुरक्षा संपूर्ण : CM शिवराज

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने वैक्सीनेशन में इतिहास रचा है। प्रदेश में प्रथम और द्वितीय डोज की संख्या 7 करोड़ को पार कर गई है। निश्चित ही कल मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन था। जहाँ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में 100 करोड़ वैक्सीन के डोज लग चुके हैं, जो अद्भुत और आश्चार्यजनक उपलब्धि है, वहीं मध्यप्रदेश ने भी 92 प्रतिशत लक्ष्य आबादी को प्रथम डोज और 37 प्रतिशत भाई-बहनों को कोरोना से बचाव का द्वितीय डोज लगाकर महत्वपूर्ण कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए सभी डाक्टर्स, स्टॉफ नर्स, वैक्सीनेटर, वैरीफायर, मोबेलाईजर, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, डेटा मैनेजर, कोल्ड चेन हैण्डलर, वैक्सीन वैन ड्रायवर, कोल्ड चेन टैक्नीशियन, ए.वी.डी., कन्ट्रोल एण्ड कमांड टीम आदि के सदस्य विशेष बधाई के पात्र हैं। 

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन के सभी फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी हृदय से बधाई दी। मुख्यमंत्री आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभा कक्ष में प्रदेश में 7 करोड़ कोविड वैक्सीन डोज पूर्ण होने पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स भी इसमें शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें आयोजित की जाएँ, जिसमें आगामी वैक्सीनेशन अभियान में सभी वर्गों की भागीदारी के साथ कार्य किया जा सके। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सौ करोड़ आबादी को वैक्सीन का डोज लग चुका है, जो एक रिकार्ड है। पहली बार देश में वैक्सीन बनी। इससे पहले अन्य देशों में ही वैक्सीन बनती थी। भारत में स्वदेशी वैक्सीन विकसित की गई, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा शक्ति और हमारे वैज्ञानिकों के प्रयास महत्व रखते हैं। विश्व में वैक्सीनेशन कार्य में भारत का सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है। क्योंकि अन्य देशों की तुलना में भारत में आबादी अधिक है और फिर भी देश में लोगों को नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध हुई। निश्चित ही प्रधानमंत्री मोदी अभिनंदन के पात्र हैं। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त, अन्य अधिकारी और टीम में शामिल सभी लोग बधाई के पात्र हैं। सभी ने विपरीत परिस्थितियों में कार्य किया है। जब वैक्सीनेशन का विरोध हो रहा था और अनेक लोग भ्रम एवं भय की स्थिति में थे। तब टीकाकरण के लिए जनता को प्रेरित किया गया। दिन-रात परिश्रम कर लोगों को घरों और खेतों तक जाकर समझाइश दी गई। 

हेल्थ वर्कर्स ने नदी-नाले पार कर वैक्सीन लगाने का कार्य किया। इन सभी का हृदय से अभिनंदन करने का भाव मन में है। इन सभी की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। मध्यप्रदेश को ऐसे कर्मठ कार्यकर्ताओं पर गर्व है। कलेक्टर्स ने भरपूर परिश्रम किया। अधीनस्त अमले को सक्रिय बनाया। प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस के आला अधिकारी भी वैक्सीनेशन कार्य को लीड करते रहे। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान 16 जनवरी 2021 से प्रारंभ किया गया। प्रदेश में 287 दिनों में 7 करोड़ कोविड टीकाकरण डोज लगाए जा चुके हैं। इसमें प्रथम डोज 4.98 करोड़ एवं द्वितीय डोज 2.02 करोड़ सम्मिलित हैं। 

प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन को गति देने के लिए मुख्य रूप से चार महाअभियानों का आयोजन किया गया। अभियान की शुरुआत में प्रति करोड़ लक्ष्य प्राप्ति में अनुपात 30 दिन का समय लग रहा था जो महाभियान के आयोजनों के पश्चात 15 से 20 दिनों में प्राप्त किया जा रहा है। प्रदेश के कुल 46 जिलों में प्रथम डोज की उपलब्धि 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण की जा चुकी है। आज 30 अक्टूबर 2021 प्रात: 8 बजे तक कोविन पोर्टल रिपोर्ट अनुसार लक्ष्य प्राप्ति में प्रदेश का देश में द्वितीय स्थान है। साथ ही गर्भवती महिलाओं के वैक्सीनेशन में देश के कुल कवरेज का 25 प्रतिशत योगदान मध्यप्रदेश का है।