कृषि विभाग के दलों ने की उर्वरक विक्रेताओं की जाँच…

जाँच में अनियमितता पाए जाने पर दोषी विक्रेताओं के विरूद्ध हुई कार्रवाई

ग्वालियर। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा दल गठित कर कृषि आदान विक्रेताओं की आकस्मिक जाँच की गई। जाँच में अनियमितताएँ पाए जाने पर दोषी विक्रेताओं के विरूद्ध नोटिस जारी करने एवं दुकान सील करने की कार्रवाई की गई। उप संचालक कृषि ए.के. शर्मा के नेतृत्व में गठित दल द्वारा शनिवार को मुरार में मैसर्स अग्रवल ट्रेडर्स कंपनी एवं फक्कड़ बाबा खाद-बीज भण्डार की जांच की गई। जाँच के दौरान अधिक मूल्य पर उर्वरक डीएपी एवं यूरिया का विक्रय पाया गया। दोनों विक्रेताओं के स्टॉक को उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत विक्रय के लिये प्रतिबंधित कर दिया गया। 

इसके साथ ही विक्रेता फर्म के लायसेंस निलंबन के संबंध में नोटिस जारी किए गए। जाँच के दौरान मैसर्स माटूलाल हरीशंकर दुकान बंद कर चले जाने पर कृषकों की शिकायत पर दुकान सील करने की कार्रवाई की गई। कृषि विभाग के दल द्वारा विकासखण्ड घाटीगाँव में चार फर्मों का निरीक्षण किया गया। जिनमें सभी दुकानों का विक्रय संतुष्टिपूर्वक पाया गया। विकासखण्ड डबरा में 4 फर्मों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें मैसर्स कामतानाथ खाद भण्डार, न्यू माता भगवती देवी ट्रेडर्स, साहू खाद-बीज भण्डार तथा महादेव खाद-बीज भण्डार के भण्डारण एवं पीओएस मशीन, स्टॉक में अंतर पाया गया। 

चारों ही दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। संतुष्टिपूर्वक जवाब प्राप्त न होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खाद-बीज विक्रेताओं की जांच निरंतर की जाए। किसी भी विक्रेता द्वारा अनियमितता की जाती है तो उसके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। किसानों से अधिक राशि लेने वाले दुकानदारों के विरूद्ध पुलिस प्रकरण भी कायम कराए जाएँ।