बाजार में दवा कम, थाेक रेट भी बढ़े…

ग्वालियर में डेंगू के मरीजों की संख्या 1500 के पार

ग्वालियर में डेंगू के मरीजों की संख्या 1500 के पार पहुंच गई है। जिला अस्पताल मुरार और गजराराजा मेडिकल कॉलेज की लैब में शनिवार को 150 मरीजों के सैंपल की जांच में 74 को डेंगू होने की पुष्टि हुई। इसमें ग्वालियर के 54 मरीज हैं। इनमें से 32 मरीज 18 साल से कम उम्र के हैं। इन्हें जाेड़कर जिले में अबतक डेंगू 1,530 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 5 मरीजों की मौत हो चुकी है। उधर डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजाें से अस्पतालों में बेड फुल हैं। 

मरीजों को जमीन पर गद्दे डालकर भर्ती करना पड़ रहा है। यही नहीं बाजार में ग्लूकोज की बोतल (एनएस की बोतल) और पैरासिटामोल आईबी की बोतल के अलावा मलेरिया में दी जाने वाली फेल्सी गो इंजेक्शन की मांग बढ़ गई है। थोक दवा व्यवसायी शिवरतन सिंधवानी ने बताया कि दवा में उपयोग होने वाला कच्चा माल महंगा हो गया है। इसके चलते दवाओं के रेट 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पैरासिटामोल आईबी और टेबलेट, एंटी बायोटिक दवा, खून बढ़ाने की दवा, मल्टी बिटामिन दवा महंगी हो गई हैं। 

ग्वालियर कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश अरोरा का कहना है कि कोरोना के बाद डेंगू महामारी के रूप में सामने आया है। डेंगू से बच्चे अधिक प्रभावित हैं। दवा के कच्चे माल की कमी है ब्रेनुला, कैथेटर, आईबी सेट, फ्लूट्स (ग्लूकोज व अन्य चढ़ाई जाने वाली बोतलें),आईबीआईजी 10 एमजी, एल्बुमिन की बाजार में कमी हो रही है। बच्चों को दी जाने वाली कुछ एंटीबायोटिक दवा की भी कमी देखने में आ रही है। दवा कंपनी को भेजी गई हैं। यह भी प्रयास किया जा रहा है किसी भी मरीज को दवा की किल्लत न हो। 

मच्छरों से बचाव रखें, पूरी बांह के कपड़े पहनंे और बच्चों को भी पहनाएं। अगर घर में किसी को बुखार आ गया है तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें। मरीज को तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन कराएं - डॉ. अजय गौड़, विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक जीआरएमसी