प्रदेश के कॉलेजों और 12वीं के स्टूडेंट्स से ऑनलाइन होगी सीधी बात…

12 अक्टूबर को UPSC में चयनित युवाओं का सम्मान करेगी सरकार

UPSC 2020 में मध्य प्रदेश से रिकार्ड 37 युवाओं को चयन हुआ है। राज्य सरकार इन सभी का 12 अक्टूबर को सम्मान करेगी। कार्यक्रम भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के कॉलेजों के और 12वीं के स्टूडेंट्स की ऑनलाइन सीधी बात कराई जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने कहा है कि मप्र सरकार UPSC सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण दिलाएगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार देर शाम अपने निवास पर आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई थी। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में चयन के लिए हम रास्ता आसान बनाएंगे। बच्चे जो भी विषय पढ़ना चाहेंगे, उसके लिए व्यवस्था की जाएगी। लक्ष्य यह है कि मध्य प्रदेश से अधिक संख्या में बच्चे यूपीएससी के लिए चयनित हों। उन्होंने कहा कि यूपीएससी के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के जितने भी अवसर हैं, राज्य सरकार विद्यार्थियों को अच्छे संस्थानों और महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए तैयार करेगी। 

बैंक, सेना या अन्य क्षेत्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों और प्रशिक्षकों से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी 2020) के रिजल्ट में मध्यप्रदेश के नाम एक रिकॉर्ड बन गया है। दरअसल, इस प्रतिष्ठित परीक्षा में इस बार मध्यप्रदेश को दोगुनी से ज्यादा सफलता मिली है। इस बार प्रदेश के 37 होनहार सफल हुए हैं। 

पहली बार मप्र के सफल उम्मीदवारों का यह आंकड़ा आया है। अब तक हर साल 14 से 15 सिलेक्शन ही होते रहे हैं। यूपीएससी ने रिजल्ट की राज्यवार जानकारी जारी कर दी है। इसके मुताबिक मप्र के सफल अभ्यर्थियों में सबसे ज्यादा 10 अन्य पिछड़ा वर्ग, 8 गरीब श्रेणी (ईडब्ल्यूएस) और 5 दलित वर्ग से हैं। रोचक तथ्य यह भी है कि इन 37 सफल लोगों में सबसे ज्यादा 10 ने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना है।