स्मार्ट सिटी द्वारा 241 करोड़ रूपये की बनने वाली…

स्मार्ट रोड के टेण्डर में भारी गड़बड़ी की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने शुरू की जांच

ग्वालियर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्मार्ट रोड के टेण्डर में भारी गड़बड़ी की शिकायत पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने प्राथमिक जांच शुरू की है। स्मार्ट सिटी ने इस 15.26 किलोमीटर लम्बी सड़क केलिये 241 करोड़ रूपाये का टेण्डर 23 प्रतिशत अधिक राशि पर मंजूर किया गया है। जिससे यह टेण्डर 299 करोड़ रूपये तक पहुंच गया, जबकि प्रदेश के अन्य शहरों में स्मार्ट सिटी के टेण्डर निर्धारित दर से कम राशि पर मंजूर किये गये हैं। टेण्डर में एसओआर दर निर्धारण में भी गड़बड़ी की गयी है। 

स्मार्टसिटी की इस स्मार्ट रोड़ में गड़बड़ी की शिकायत संदीप शर्मा ने की थी। इस टेण्डर के तहत महाराज बाड़े पर अण्डर ग्राउण्ड पार्किंग और पैदल मार्ग का भी निर्माण किया जाना है। स्मार्ट सिटी के लिये यह टेण्डर केपीएमजी कंपनी के इंजीनियर व अधिकारियों ने तैयार किया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसे 23 प्रतिशत अधिक दर पर मंजूर कर दिया गया है। टेण्डर में राजस्थान, महाराष्ट्र व कर्नाटक राज्यों के एसओआर दर को शासन की बिना मंजूरी के लिया गया है। जबकि मप्र के एसओआर दर से टेण्डर मंजूर किये जाने थे। टेण्डर में कुटेशन व इस्टीमेट की दरों में भी अन्तर है। जिले में अमृत प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सभी बड़ी योजनाओं के टेंडर कम दर पर मंजूर किए गए हैं। 

केवल स्मार्ट सिटी का टेंडर ही अधिक दर पर है। यह टेंडर भी दूसरे प्रयास में हुआ और पहले प्रयास में जिस कंपनी ने 40 फीसदी अधिक पर टेंडर डाला था उसने दूसरा टेंडर 23 फीसदी अधिक पर डाला। पहली प्रकिया में कम टेंडर आने पर शर्तों को लचीला किया जाना चाहिए था लेकिन शर्तों को अधिक कड़ा कर दिया गया। इस शिकायत के संबंध में ग्वालियर स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन की सीईअो जयति सिंह का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया सभी शर्तों का पालन कर जिम्मेदार अधिकारियों व निदेशक मंडल के अनुमोदन के बाद की गई है।