वैक्सीनेशन डाटा फीड न होने पर नाराज हुए कलेक्टर…

4 दिन में दो बार कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लगाई फटकार

ग्वालियर में वैक्सीनेशन डाटा फीडिंग को लेकर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने लापरवाही पर CMHO डॉ. मनीष शर्मा को कड़ी फटकार लगाई है। हुआ यह था कि कलेक्टर कन्ट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे यहां वैक्सीनेशन डाटा फीड न होने पर नाराज हुए हैं। इतना ही नहीं वह खुद कम्प्यूटर पर डाटा फीट करने के लिए बैठ गए। यह पहला मौका नहीं है। दो दिन पहले भी टीकाकरण के महाअभियान को लेकर पूरे 459 दल सभागार में न पहुंचने पर कलेक्टर नाराज हुए थे। कलेक्टर ने सार्वजनिक रूप से लापरवाही पर CMHO पर चिल्लाते हुए फटकार लगाई थी।इसके बाद CMHO के इस्तीफा देने की खबर सोशल मीडिया पर सामने आई, यह भी चर्चा थी कि कलेक्टर ने उनको कहा या तो तुम रहोगे या मैं, लेकिन CMHO डॉ. मनीष शर्मा का मोबाइल बंद होने पर संपर्क नहीं हो सका है। कलेक्टर सिंह का कहना है कि लापरवाही पर फटकार लगाई थी, लेकिन मैंने किसी से कोई इस्तीफा नहीं मांगा है। 

जिले में वैक्सीनेशन टारगेट का असर अफसरों के काम पर दिखने लगा है। जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य महकमे के अफसर सारे काम छोड़कर वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा करने पर लगे हैं। निर्वाचन अभियान की तर्ज पर टीकाकरण कराया जा रहा है। बूथ स्तर पर बीएलओ बनाए गए हैं। वैक्सीनेशन की जिले में कमान कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के कंधों पर है। अब कोई जरा सी चूक करता है तो उनका नाराज होना भी स्वभाविक है। क्योंकि भोपाल मुख्यमंत्री और पीएस के सामने उनको जवाब देना होता है। यही कारण है कि बीते 4 दिन में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की नाराजगी के शिकार CMHO डॉ. मनीष शर्मा हुए हैं। शुक्रवार को हुए टीकाकरण के महा अभियान में 91 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी, लेकिन टारगेट पूरा नहीं हो पाया था। शनिवार दोपहर जब कलेक्टर सिंह कन्ट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे तो यहां वैक्सीनेशन का डाटा फीडिंग पूरा न होने पर काफी नाराज हुए। 

इस लापरवाही पर कलेक्टर सिंह का पारा सातवें आसमान पर पहंुच गया। सभी के सामने उन्होंने CMHO मनीष शर्मा को खरी खोटी सुना दी। यहां तक सामने से हट जाने के लिए भी कहा। इसके बाद वह गुस्से में खुद डाटा फिडिंग करने बैठ गए, लेकिन कुछ देर बाद सभी को तत्काल डाटा फीड करने के निर्देश देकर चले गए। इस मामले में सोशल मीडिया पर चर्चा है कि कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने CMHO डॉ. मनीष शर्मा से यह तक कह दिया कि या तो तुम रहोगे या मैं। इसके बाद CMHO अपने ऑफिस गए और इस्तीफा दे दिया। पर CMHO के इस्तीफे की खबर की पुष्टि नहीं हो पाई है, क्योंकि घटना के बाद से उनका मोबाइल बंद है। स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों का कहना है कि उनको कोई इस्तीफा नहीं मिला है और उन्हें कुछ पता भी नहीं है। 17 सितंबर को महावैक्सीनेशन था। कुल 459 दल इस काम में लगाए गए थे। 

महाअभियान से एक दिन पहले सभी दलों को जीवाजी विश्वविद्यालय के सभागार में बुलाया गया था। जब कलेक्टर यहां पहुंचे तो आधे दल पहुंचे ही नहीं थे। इस पर भी कलेक्टर सिंह काफी नाराज हुए थे। जाेर-जोर से चिल्लाते हुए CMHO और अन्य अफसरों को फटकार लगाई थी। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। यह भी पहला मौका नहीं था। करीब 20 दिन में कई ऐसे मौके आए हैं जब वैक्सीनेशन को लेकर कलेक्टर ने CMHO को फटकार लगाई है। इस मामले में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का कहना है कि वैक्सीनेशन की लापरवाही पर CMHO को फटकार लगाई है। मैंने किसी से कोई इस्तीफा नहीं मांगा है। सिर्फ निर्देश दिए हैं कि वैक्सीनेशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूंगा। यह लोगों को कोविड से बचाने के लिए काफी जरूरी है।