अनेक उपलब्धियों से भरा रहा यह एक वर्ष…

संभागायुक्त आशीष सक्सेना ने पूर्ण किया एक वर्षीय कार्यकाल

ग्वालियर। संभागायुक्त ने अपने एक वर्ष के सफल कार्यकाल में जहां कोरोना संक्रमण जैसी महामारी पर काबू करने के लिये सफल प्रयास किये वहीं बाढ जैसी आपदा में भी अपनी प्रभावी प्रशासनिक शैली के जरिये जहां लोगों को राहत पहुंचायी, वहीं ग्वालियर चंबल अंचल में विकास को गति देने के साथ ही समाज के अंतिम छोर तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की मंशा को पूरा किया। संभागायुक्त आशीष सक्सैना का एक वर्ष का कार्यकाल आज पूरा हुआ। उन्होंने अपने कार्यकाल में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर दिलाने निरंतर मानीटरिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने बताया कि जब उनका तबादला होकर ग्वालियर आये तो उस समय कोविड -१९ की पहली और दूसरी लहर को उन्होंने चुनौतियों को लेकर सफलता पूर्वक संक्रमण को रोकने के प्रयास किये। 

इतना ही नहीं अपने कार्यकाल में उन्होंने विधानसभा के उप चुनावों को भी शांति सदभाव से कोविड गाइड लाइन को पूरा करते हुये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुये पूरा किया। संभागायुक्त आशीष सक्सैना के कार्यकाल के दौरान प्रकृति का प्रकोप हुआ और बाढ में कई गांव पानी में डूब गये। उन्होंने धैर्यपूर्वक प्रभावित ग्रामीणों को बचाया और ग्रामीणों की जान माल की रक्षा के अथक प्रयास किये। वहीं प्रभावितों को सहायता उपलब्ध कराने की दिशा मं तत्परता से सभी जिलों में कार्य कराया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किये। 

इस दौरान आक्सीजन प्लांटों का काम तेजी से काम कराया वहीं एक हजार बिस्तर के अस्पताल का निर्माण कार्य भी तेजी से कराया। उसकी मानीटरिंग की। मेडीकल कालेज में छात्रों की संख्या में वृद्धि होने पर उनके नये हास्टल का निर्माण भी समय सीमा में पूरा कराया। संभागायुक्त ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के निर्देश पर पेयजल की आपूर्ति के लिये चंबल से पानी लाने का प्रोजेक्ट के लिये प्रयास किये। वहीं नगर निगम के प्रशासक के रूप में भी उन्होंने निगम में पारदर्शिता लाने के कार्य किये। आम जनों की शिकायतों का निराकरण तेजी से कराया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल मेंं हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं को भी प्राथमिकता से पूरा कराया। 

माधव प्लाजा की दुकानों को शीघ्र प्रारंभ कराने व्यापारियों से चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने अपनी पदस्थापना के साथ ही प्राथमिकताओं को अमली जामा पहनाने का प्रयास किया। उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है। उन्होंने जिला पंचायत की योजनाओं को भी प्राथमिकता से क्रियान्वयन कराया। गूगल मीट के माध्यम से प्रतिदिन समीक्षा कर अंचल की अलग पहचान कायम की। उन्होंने कहा कि विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, इसकी गति को न केवल कायम रखा बल्कि उसे आगे भी बढाया। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों का सामना करते हुये जनप्रतिनिधियों के माध्यम से समन्वय बनाकर विकास को गति प्रदान की।