एक साथ नजर आए पीएम मोदी और सोनिया गांधी…

पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ ओम बिरला ने की बैठक

नई दिल्ली। लोकसभा का मॉनसून सत्र आज दो दिन पहले ही खत्म होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ अपने संसद के कक्ष में बैठक की. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दोनों एक साथ दिखे. बैठक में पीएम मोदी और सोनिया गांधी बगल के सोफे पर बैठे थे. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस के लोकसभा नेता अधीर रंजन चौधरी और तृणमूल कांग्रेस, अकाली दल, वाईएसआर कांग्रेस और बीजद के नेता भी मौजूद थे. सत्र के दौरान एक-दूसरे के प्रति कटुता दिखाने वाले सभी नेता ओम बिरला के कक्ष में मुस्कुराते हुए नजर आए. 

सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष ने सभी दलों से भविष्य में सदन के कामकाज में सहयोग करने का आग्रह किया. बता दें कि सत्र के दौरान गतिरोध के लिए सरकार और विपक्षी दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे. विपक्ष ने पेगासस स्नूपिंग स्कैंडल, तेल की कीमतों और कोविड संकट सहित कई मुद्दों पर विरोध किया. विपक्ष ने सरकार पर बिना चर्चा के बिलों को पास करने का आरोप लगाया. अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "मैंने आज पहली बार पीएम मोदी को देखा. जब सब कुछ खत्म हो गया, तब वह दिखे. सरकार ने बिना चर्चा के विधेयक पारित किए. 

ओबीसी विधेयक को छोड़कर, अन्य सभी विधेयक मिनटों में पारित हो गए - इस सरकार द्वारा एक और रिकॉर्ड बनाया गया." पत्रकारों से बात करते हुए, अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा ने महीने भर के सत्र में केवल 21 घंटे काम किया और इसकी उत्पादकता 22 प्रतिशत रही. ओम बिरला ने कहा, "मैं इस बात से आहत हूं कि सदन की कार्यवाही इस सत्र में अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई. मैं हमेशा यह देखने का प्रयास करता हूं कि सदन में अधिकतम कार्य हो और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो. लेकिन इस बार लगातार रुकावट आ रही थी. इसे हल नहीं किया जा सका." 

राज्यसभा में भी इसी तरह का व्यवधान देखा गया और कल, विपक्षी सदस्य सदन के केंद्र में मेज पर खड़े हो गए और एक सांसद ने कुर्सी पर नियम पुस्तिका फेंक दी. राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं. वेंकैया नायडू ने विपक्ष पर "लोकतंत्र के मंदिर" का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उन्होंने भावुक होकर कहा, "मैं व्यथित हूं क्योंकि कल संसद की पवित्रता को नष्ट कर दिया गया. कुछ सदस्य मेज पर बैठे थे, कुछ  मेज पर चढ़ गए थे, शायद अधिक दिखाई देने के लिए, यह अपवित्रता का कार्य था. मेरे पास इस कृत्य की निंदा करने के लिए कोई शब्द नहीं है. मुझे रात भर नींद नहीं आई."