यह सन्नाटा कहीं रायता बनकर न फैल जाये !

कांग्रेस भूली अपने नेता का जन्मदिन…

कांग्रेस जो पिछले 20 साल से केवल दो ही दिवस मनाती आई है , अपने अपने नेताओं के जनम दिन और मरण दिन । उसी मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आज अपनी रसमें और परिपाटी तोड़ कर भंग कर दी । आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्व राजीव गांधी का जन्मदिवस है , भारत देश में इसे राजीव गांधी की याद में सद्भावना दिवस के रूप में सरकारी तौर पर मनाया जाता है । सरकार को तो याद रहा राजीव गांधी का जन्मदिवस और सरकार ने इसे सदभावना दिवस के रूप में मनाया भी , प्रेस नोट भी आ गया है सरकार का , जो आज न्यूज पोर्टलों पर और कल अखबारों में प्रकाशित होगा । 

मगर आश्चर्यजनक रूप से कांग्रेसी अपने ही नेता का जन्मदिन भूल गये , अकेले मुरैना जिला मे कांग्रेस के चार विधायक हैं , मगर भोपाल से चंबल तक कांग्रेस में हर ओर मरघटिया सन्नाटा पसरा है , कभी किसी का जनम दिन तो कभी किसी का मरण दिन मनाने वाली कांग्रेस की यह खामोशी , यह चुप्पी यह सन्नाटा कहीं रायता बनकर न फैल जाये । शेरों के शेर , महावीर वीरों के वीर , सपूतों के सपूत , लाड़लों के लाड़ले महा पराक्रमी भी आज कुछ नहीं  बोले ... कमाल है यार ।

कौन कहता है आसमां में छेद होगा नहीं , एक पत्थर तो दिल से उछालो यारो -

भाजपा और सपा का उत्तरप्रदेश में जंगिया जंग , ठंडे तरीके से बाकायदा रणनीति के तहत छिड़ चुकी है , हथियार है सपा का हिन्दूत्व का लेबल चिपकाकर उसमे सनातन धर्म का अचार बनाकर परोस कर जनता को बेवकूफ बनाना और हथियार है भाजपा का सनातन धर्म का लेवल चिपकाकर उसमें हिंदूत्व की पुराना मुरब्बा भरकर जनता को बरगलाना। दोनों पार्टियों के आई टी सेल लगे हैं अचार और मुरब्बा बनाने और उसमे जनता की भावनाओं का मसाला मिलाने में। जनता को फोकट में मिले तो अचार भी पसन्द है और मुरब्बा भी ।

सबसे ज्यादा व्याकुल और बैचैन छोटी जाति के लोग रहते हैं , क्योंकि पैसा और पद के बावजूद भूखों मरते ऊंची जाति के लोग आज तक न तो उन्हें सम्मान देते हैं और न रोटी बेटी का ही संबंध रखते हैं , हालात और हाल सब बदल गये और न ही ऊंची जाति की और न ही नीची जाति की मानसिकता बदली और न मिजाज बदले सो जाहिर है कि यह छत्तीस व्यंजनों वाली दोनों पार्टियों की थाली अपने अपने समाज से , धर्म से , कुटुंब से और बीवीयों से पीड़ित लोगों को लिये है । पहले मानसिक भोजन पाओ , अचार मुरब्बा पचाओ खाओ , हां में हां मिलाओ , हमारी भीड़ में शामिल हो जाओ , उसके बाद शरीर की भूख भी मिटा दी जायेगी । 

नरेन्द्र सिंह तोमर "आनंद"