प्रदेश के 6 जिलों में लगातार बारिश से बिगड़ रहे हालात...

लोगों को बचाने के लिए ऑपरेशन रात-दिन जारी : CM शिवराज

मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों से बारिश आफत बनकर बरस रही है। प्रदेश के छह जिलों में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित हिस्सों से अब तक 8,832 लोगों को बचाया गया है, जबकि 29,280 अन्य को इन क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 'अन्न उत्सव' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बारिश और बाढ़ पर जानकारी साझा की। बता दें कि मध्यप्रदेश में विदिशा, गुना, राजगढ़, सागर सहित अन्य जिलों में मूसलाधार बारिश होने से नदी नाले उफान पर हैं और कई मार्ग बंद किए गए हैं। जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त है। 

ग्वालियर और चंबल संभाग में स्थिति बिगड़ी हुई है। यहां पर 24 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शनिवार सुबह तीन जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की है। शिवराज सिंह ने ट्वीट किया "आज सुबह गुना, अशोकनगर, विदिशा जिलों में बाढ़ की स्थिति और बचाव अभियान का जायजा लिया। गांवों में फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी रात से काम कर रही हैं। भारतीय वायुसेना का बचाव अभियान सुबह से शुरू है। शनिवार सुबह 40 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया है। 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वह बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं और कांग्रेस विपदा के समय भी राजनीति कर रही है, जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तो उनके मंत्री एक -एक सप्ताह तक क्षेत्रों में नहीं जाते थे। राजस्व सचिव ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। ये मौतें 1 से 7 अगस्त के बीच दर्ज की गईं। शुक्रवार तक अधिकारियों ने मृतकों की संख्या 12 बताई थी। इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तरी मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई थी, जहां भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से 1,250 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे। रविवार से हो रही बारिश से ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, अशोक नगर, गुना, भिंड और मुरैना जिले प्रभावित हुए हैं।