ग्वालियर अंचल में कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं…

सिंधिया के भाजपा में जाने पर तीन हिस्सों में बंटी भाजपा : जयवर्धन सिंह

ग्वालियर। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के युवा नेता जयवर्धन सिंह ने कहा है कि केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद से भाजपा तीन हिस्सों में बंट गई है। इसमें एक है शिवराज भाजपा, एक महाराज भाजपा और तीसरी नाराज भाजपा। उन्होंने कहा कि भाजपा में गुटबाजी बहुत बढ़ गई है। वहीं मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, डॉ. नरोत्तम तथा बीडी शर्मा भी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। भाजपा में लडाई तक चल रही है।पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह आज अपने अल्प प्रवास के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों का जबाब दे रहे थे। उन्होंने एक प्रश्र के उत्तर मेें कहा कि ग्वालियर अंचल में कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। वहीं सिंधिया जी के कांग्रेस के जाने के बाद से कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकजुट होकर कांग्रेस को मजबूत करने में लगा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर चंबल अंचल में रामनिवास रावत, डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिह डॉ. सतीश सिकरवार, सुरेश राजे जैसे कददावर नेता है। वहीं जहां आवश्यकता पडेगी में भी ग्वलियर अंचल होने के नाते हाजिर रहूंगा।

 उन्होंने कहा कि सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद से कांग्रेस की गुटबाजी समाप्त हो गई है। अब शेष समय हम जनता के बीच में रहेंगे । जनता के दुख सुख को बांटेगे। पूर्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अन्नउत्सव मना रही है। वहीं किसान ग्वालियर चंबल अंचल में प्राकृतिक आपदा से परेशान है। ग्रामीणों को आपदा से काफी नुकसान हुआ है और अभी तक सरकार सर्वे तक नहीं करा सकी है और ना ही केन्द्र से कोई विशेष पैकेज ला पाई है। जिससे किसानों को पर्याप्त राहत मिल सके। उन्होने कहा कि अन्न का अधिकार तो डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने दिया था। हमने दस सालों में अनाज की बोरी पर फोटो लगाकर जनता के बीच नहीं गये। अब तो मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के फोटो अन्न उत्सव के नाम पर थैलों पर लगाकर बांटे जा रहे हैं। उन्होने कटाक्ष कर कहा कि आगे आने वाले समय में राज्य सरकार अनाज के दाने पर भी फोटो छापकर जनता को बांटेगी। उज्जैन के बाद इंदौर की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ये संवेदनशील मुददे हैं। 

सरकार को बेरोजगारी , कोविड की तबाही के बाद की स्थिति , स्वास्थ्य सुविधायें आगामी दिनों में आने वाली तीसरी कोरोना लहर की चिंता नहीं है। ना ही मंहगाई, बढती पेट्रोल डीजल की कीमतों की चिंता है। खाने के तेल, गैस के दाम तीन गुने तक हो गये हैं। सरकार सांप्रदायिक तनाव पर बात कर रही है। इस मामले में पूरी निष्पक्ष कार्रवाई होना चाहिये। उनके पिता पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह द्वारा तालिबान का समर्थन करने पर भाजपा नेताओं के बयानों पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि मंत्री विश्वास सारंग तो मंहगाई के लिये नेहरू को जिम्मेदार बता रहे थे। उन्होने कहा कि जितनी मंहगाई ६७ सालों में कांग्रेस के शासन काल में नहीं बढी उससे ज्यादा तो नरेन्द्र मोदी सरकार ने बढा दी है। जनता अब भाजपा की बातों को समझ गई है। जनता देख रही है। भाजपा ने जनता का कोई भला नहीं किया। लॉक डाउन , दूसरी लहर के बाद बिगडे हालात में भी सरकार का रवैया नकारात्मक ही रहा। नगर निगम द्वारा गारबेज शुल्क लगाये जाने के बारे मेंं पूछे जाने पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा की नगर निगम है कुछ भी कर सकती है। 

आज ही समाचार पत्रों में छपा है कि ८० किलोमीटर की सडक़ें ग्वालियर शहर में क्षतिग्रस्त हैं उन्हे ठीक करने की किसी ने जरूरत नहीं समझी, अतिरिक्त शुल्क का उपयोग कहां कैसे होगा इसकी भी कोई योजना नहीं है। वैक्सीन उत्सव के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य भाजपा शासन के मुख्यमंत्रियों को कांग्रेस से सीखना चाहिये। कांग्रेस ने पोलियो जैसी बीमारी को जड से खत्म करने के लिये बडे बडे फोटो पोस्टर नहीं निकाले। कांग्रेस ने असरदार अभियान चलाया। अब तो वैक्सीनेशन केवल नाटक है। सरकार का दायित्व बनता है कि हर गांव में वैक्सीन पहुंचाये। इसी साल तक वैक्सीन लगाने का लक्ष्य बनाकर लोगों को लगाये। ओबीसी आरक्षण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने प्रयास किया था। उसके बाद सरकार चली गई तो एजी ने जो जबाब प्रस्तुत किया उसमें आरक्षण होना संभव नहीं है ऐसा लिखा। यह ओबीसी वर्ग के साथ धोखा है। स्कूल खोले जाने के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि स्कूल कालेज संचालक परेशान हैंद्ध शिक्षाकर्मी वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं। वह मांग कर रहे हैं। उनका मानना है स्कूल कालेज जल्द शुरू होंगे। बच्चे क्लास मेंबैंठेंगे।