G News 24 : प्रेस्टीज कॉलेज में विधि विभाग में कम्युनिटी मेडिएशन सेंटर का हुआ भव्य शुभारंभ !

 प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थानए ग्वालियर में ...

प्रेस्टीज कॉलेज में विधि विभाग में कम्युनिटी मेडिएशन सेंटर का हुआ भव्य शुभारंभ !

ग्वालियर। गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  और प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च  के विधि विभाग के सहयोग से कम्युनिटी मेडिएशन सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आगमन के साथ हुई। 

इस मध्यस्थता केन्द्र का उद्घाटन माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर गर्ग द्वारा किया गया इस दौरान ऋतुराज सिंह चौहान विशेश न्यायाधीश तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत पाण्डेय, जिला विधिक सहायता सचिव प्रियंक भारद्वाज, विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट अतुल यादव, जिला बार काउंसिल अध्यक्ष पवन पाठक, अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपेंद्र सिंह कुशवाह एवं राजेश कुमार शुक्ला उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र में इंदौर सामुदायिक मध्यस्थता मॉडल की सफलता पर एक विशेष वीडियो लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इसी क्रम में संस्थान के विधि विभाग में नवनिर्मित ‘सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र’ का डिजिटल लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के पश्चात् मध्यस्थता केन्द्र का शुभारंभ  ललित किशोर गर्ग द्वारा फीता काटकर किया गया। 

इस केंद्र की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य ग्वालियर क्षेत्र के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाना है और ग्वालियर और उसके आस-पास के सभी कॉलेजों के छात्रों, शिक्षकों या प्रबंधन के बीच होने वाले किसी भी प्रकार के विवाद को अब कोर्ट जाने के बजाय यहाँ आपसी बातचीत से सुलझाया जाएगा। यह मेडिएशन सेंटर एक नयी उम्मीद की किरण है जिससे कोर्ट में लंबित वादों को निपटाने में भी सहायता मिलेगी। 

इस कार्यक्रम में माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में न्याय को सुलभ बनाने के लिए मध्यस्थता सबसे सशक्त माध्यम है। छात्रों और स्वयंसेवकों को सामुदायिक मध्यस्थता की बारीकियों को समझना चाहिए ताकि वे विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने में मदद कर सकें।

कार्यक्रम में ललित किशोर गर्ग, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि हमारा लक्ष्य कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है ताकि आम नागरिक और छात्र बिना किसी मानसिक दबाव के अपने विवाद सुलझा सकें और अपने भविष्य में इस प्रकार की तकनीक को सीखकर अपने को सक्षम बना सकें।

ऋतुराज सिंह चौहान, विशेष न्यायाधीश ने बताया कि मध्यस्थता समाज में शांति बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका है। यह केंद्र कानूनी बोझ को कम करने में मदद करेगा और लोगों तक न्याय पहुंचाने में सफल होगा।

संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर डॉ. निर्मला बंदोपाध्याय ने कहा कि वैश्वीकरण के इस दौर में कानून के क्षेत्र में मौलिक परिवर्तन आ रहे हैं। यह मेडिएशन सेंटर अपने आप में एक अलग स्थान रखता है तथा यह लोगों को त्वरित न्याय भी दिलाता है।

संस्थान के विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राखी सिंह चौहान ने बताया कि हमारे विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों को कानूनी प्रक्रियाओं के व्यावहारिक ज्ञान और वैश्विक स्तर पर चल रहे सुधारों से रूबरू कराते हैं, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। और यह सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र सभी की उत्पन्न समस्याओं का निपटारा करेगा।

कार्यक्रम में संस्थान के सह-प्राध्यापक आशीष यादव, सह-प्राध्यापक आबिल हुसैन, सह-प्राध्यापक राहुल श्रीवास्तव, सह-प्राध्यापिका जिज्ञासा वोहरा, सह-प्राध्यापिका मानसी सोनी, सह-प्राध्यापक साहिल वर्मा तथा सह-प्राध्यापक आदित्य नारायण मिश्रा मौजूद रहे तथा कार्यक्रम संचालन और आभार व्यक्त सह-प्राध्यापिका मानसी गुप्ता ने किया।

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