राजस्व विभाग ने किया प्रारंभिक आकलन…

बाढ़ से आठ जिलाें में गईं 29 जानें, 1.11 लाख हेक्टेयर फसल तबाह

ग्वालियर। मूसलाधार बारिश से सिंध, पार्वती, चंबल, सीप, कूनाे और अमराल नदियाें का जलस्तर बढ़ने के कारण आई बाढ़ से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन राजस्व विभाग ने किया है। ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 जिलाें में बाढ़ के कारण अलग-अलग हादसाें में 29 लाेगाें की जान चली गई। 3746 पशुओं की बहने या फिर बाढ़ के पानी में डूबने से माैत हाे गई। 30 हजार से अधिक लाेगाें के सिर से छत छिन गई और करीब 1 लाख 11 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। ग्वालियर, शिवपुरी, श्याेपुर, दतिया, भिंड, मुरैना, अशाेकनगर और गुना जिले में बाढ़ से हुए नुकसान के इस प्रारंभिक अनुमान में सड़क, पुल, पुलिया और बांध टूटने से सरकारी विभागों को हुआ नुकसान शामिल नहीं है। राजस्व विभाग ने यह रिपाेर्ट सरकार से साझा की है। इसमें 2 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। जनहानि पर शासन ने 4 लाख रुपए प्रति व्यक्ति मुआवजा घाेषित किया है। मकान टूटने पर आवास याेजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसी तरह पशु हानि में छाेटे पशु पर 10 हजार, बड़े पर 30 हजार का मुआवजा दिया जाएगा। 

यह औसतन 20 हजार रुपए प्रति पशु हाे सकता है। जबकि बाढ़ में एक हेक्टेयर में फसल खराब हाेने पर छोटे किसान को 30 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। इस हिसाब से नुकसान के बदले में शासन का 710.21 कराेड़ रुपए मुआवजा बनेगा। जाे पशु बह गए उनके बदले मुआवजे काे लेकर काेई नीति नहीं: बाढ़ में जो पशु बह गए और उनके शव नहीं मिले, उनके मालिकाें काे मुआवजा देने के लिए राज्य में अभी तक काेई नियम नहीं है। इस कारण अलग-अलग जिलाें के एसडीएम ने वरिष्ठ अफसराें से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। डबरा एसडीएम प्रदीप शर्मा के मुताबिक बाढ़ में हर बार पशु बहते हैं लेकिन इससे पहले इनके बदले में मुआवजा नहीं बांटा गया। अभी तक पशु की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम होने पर ही पशु मालिक को मुआवजा दिया जाता रहा है। इस बार बड़ी संख्या में पशुहानि हुई है इसलिए शासन स्तर से मार्गदर्शन मांगा जा रहा है। अतिवृष्टि के बाद शिवपुरी शहर में अब सिंध का गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है। 

रविवार और सोमवार को दो दिन गंदा पानी सप्लाई हुआ तो लोग बोले- इसे पीना तो दूर, यह नहाने और कपड़े धोने लायक भी नहीं है। नलों में गंदा पानी आने से शिवपुरी शहर में पीने के पानी का संकट गहरा गया है। साथ ही लोगों में गुस्सा पनप रहा है। लोग गंदे पानी के फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका के सहायक यंत्री सचिन चौहान का कहना है कि मड़ीखेड़ा बांध में बाढ़ का गंदा पानी अधिक मात्रा में आ गया है। यही पानी फिल्टर प्लांट के जरिए शिवपुरी शहर में सप्लाई हो गया है। इस पानी से सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट पर फिल्टर तक जाम हो गए। अब पानी साफ करने के लिए एलम की मात्रा ढाई गुना तक बढ़वा दी है। मौसम केेंद्र भोपाल ने मंगलवार को शिवपुरी, श्योपुर, गुना और अशोकनगर में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं दतिया में ऑरेंज और भिंड, मुरैना और ग्वालियर में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि चक्रवाती घेरा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है जो अगले 24 घंटे के दौरान बिहार की तरफ शिफ्ट हो जाएगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है।

विस्तृत सर्वे में सामने आएगा नुकसान का सही आंकड़ा

बाढ़ में ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 जिलाें में 29 लाेगाें की जान गई है। 3746 पशुुओं की माैत और 30 हजार मकानाें काे आंशिक व पूर्ण नुकसान हुआ है। लगभग 1 लाख 11 हजार हेक्टेयर में फसलें खराब हुईं हैं। ये प्रारंभिक आकलन है। विस्तृत सर्वे के बाद ये संख्या घट-बढ़ भी सकती है। -ज्ञानेश्वर बी पाटिल, सचिव, राजस्व विभाग, मप्र