जर्जर सड़कों पर नाराज हुए जल संसाधन मंत्री सिलावट…

10 दिन में शहर की सभी सड़कों के गड़ढे भरें कोई किंतु-परंतु बर्दाश्त नहीं : प्रभारी मंत्री

ग्वालियर। शहर की जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों को देखकर प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट काफी नाराज हुए हैं। प्रभारी मंत्री सिलावट ने नगर निगम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि 10 दिन के अंदर शहर की सभी सड़कों के गड्ढे भर जाना चाहिए। इस कार्य में किसी भी प्रकार का किंतु-परंतु बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़कों के पेच रिपेयरिंग का कार्य पूरी क्वालिटी के साथ हो यह भी ध्यान रखा जाए। बुधवार को दिन भर प्रभारी मंत्री शहर और देहात में घूमे हैं और जर्जर सड़कों को देखकर काफी गुस्सा भी हुए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी स्वच्छता के काम करने पर जोर देने के लिए निर्देश दिए है। 

कलेक्टोरेट के सभागार में हुई बैठक में प्रभारी मंत्री सिलावट के अलावा, BJP महानगर अध्यक्ष कमल माखीजानी, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, प्रभारी नगर निगम आयुक्त आशीष तिवारी, CEO जिला पंचायत किशोर कान्याल, ADM रिंकेश वैश्य सहित निगम के विभागीय अधिकारी और सभी क्षेत्राधिकारी उपस्थित थे। सड़कें ठीक करने का दायित्व नगर निगम का है। प्रभारी मंत्री सिलावट ने कहा है कि बरसात के कारण शहर की सड़कों की स्थिति बहुत ही खराब है। इसको ठीक करने का दायित्व नगर निगम का है। निगम अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करे। सभी सड़कों पर पेच रिपेयरिंग का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए निगम समितियां बनाकर तेजी से कार्य करें। 

किए जा रहे कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग हो और उसकी जानकारी नगर निगम कमिश्नर, कलेक्टर को भी भेजें। पेच रिपेयरिंग के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। बैठक में प्रभारी मंत्री सिलावट ने शहर की स्वच्छता की समीक्षा के दौरान कहा कि स्वच्छता के मामले में ग्वालियर की स्थिति अच्छी नहीं है। निगम का पूरा अमला स्वच्छता के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिता देकर करे। स्वच्छता के कार्य के लिये अपर आयुक्त स्तर के अधिकारियों को विधान सभावार जिम्मेदारी सौंपी जाए। सुबह की सफाई के साथ-साथ रात को सफाई भी निगम तत्काल शुरू करे। इंदौर की तर्ज पर आगे बढ़ना होगा। 

प्रभारी मंत्री सिलावट ने स्वच्छता के संबंध में समीक्षा करते हुए कहा कि स्वच्छता के मामले में ग्वालियर इंदौर की तर्ज पर कार्य करे। ग्वालियर नगर निगम का एक दल इंदौर भेजा जाए। यह दल इंदौर में किस प्रकार स्वच्छता का कार्य किया जाता है उसका अध्ययन करे। उसके अध्ययन के आधार पर ग्वालियर में भी उसी प्रकार से काम हो और ग्वालियर शहर भी स्वच्छता के मामले में अपनी अलग पहचान बना सके। 14 अगस्त को महाराज बाड़े पर निगम की हाइड्रोलिक मशीन से दुर्घटना मामले में प्रभारी मंत्री सिलावट ने कहा है कि जांच शीघ्र पूरी की जाए। जो भी अधिकारी और कर्मचारी इसमें दोषी है उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।