देश में यह संभवतः ऐसी पहली घटना होगी जिसमें…

बुरहानपुर में ट्रेन के गुजरने से ढहा रेलवे स्टेशन !

बुरहानपुर जिले के नेपानगर से असीगढ़ के बीच बुधवार को बड़ा हादसा टल गया। यहां जंगल में स्थित चांदनी रेलवे स्टेशन भवन पुष्पक एक्सप्रेस के तेज रफ्तार से गुजरने के दौरान हुए कंपन से भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। बताते हैं कि हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड करीब 110 किमी प्रति घंटे थी। बताया जाता है कि रोजाना सामान्य तौर पर ट्रेन इसी रफ्तार से गुजरती है। देश में संभवतः यह ऐसी पहली घटना है, जिसमें रेलवे स्टेशन का भवन ट्रेन गुजरने से गिरा हो। यह भवन केवल 14 साल पुराना है। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 4 बजे नेपानगर से करीब पांच किमी दूर चांदनी रेलवे स्टेशन से तेज गति से पुष्पक एक्सप्रेस गुजर रही थी। 

इस दौरान स्टेशन भवन की दीवारों में कंपन होने लगा। देखते ही देखते स्टेशन भवन के सामने का हिस्सा ढह गया। कंपन इतना तेज था कि स्टेशन अधीक्षक कक्ष की खिड़कियों के कांच फूट गए। बोर्ड टूटकर नीचे गिर गए। मलबा प्लेटफाॅर्म पर बिखर गया। मौके पर तैनात एएसएम प्रदीप कुमार पवार ट्रेन को हरी झंडी दिखाने बाहर निकले। भवन गिरता देख दूर हो गए। सूचना मिलते ही भुसावल से एडीआरएम मनोज सिंहा, खंडवा एडीएन अजय सिंह, सीनियर डीएन राजेश चिकले पहुंचे। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली। मौके पर भुसावल, खंडवा, बुरहानपुर की आरपीएफ और जीआरपी को तैनात किया गया है। घटना के दौरान पुष्पक एक्सप्रेस 1 घंटे तक खड़ी रही। 

इसके अलावा, अन्य गाड़ियां करीब 30 मिनट तक प्रभावित हुईं। इस समय अप और डाउन की सभी ट्रेनों को अथॉरिटी लेटर देकर कॉशन पर निकाला जा रहा है। जिले का ये स्टेशन 2007 में बना था। जानकारी के अनुसार चांदनी रेलवे स्टेशन मुंबई-दिल्ली रेलवे का सबसे व्यस्ततम मार्ग है। हादसे के बाद शाम करीब 6 बजे तक चार ट्रेनों को आउटर पर रोका गया। धीरे-धीरे एक-एक ट्रेन को निकाला गया। भुसावल डीआरएम विवेक कुमार गुप्ता के मुताबिक चांदनी स्टेशन के भवन के एक हिस्से का छज्जा टूटा है, जिसे रिपेयर कर लिया जाएगा। जांच के लिए टीम मौके पर पहुंची है। सभी ट्रेनें नियमित चला रहे हैं। ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।