जहां हुई शिकायत की चल रही है जांच…

जांच के आधार पर हुए निलंबित, फिर वही दोबारा मिली पदस्थापना !

ग्वालियर। शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय ग्वालियर के प्रभारी प्राचार्य अभिलाष चतुर्वेदी को सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही व अन्य अनियमितताओं की शिकायतें तथा महाविद्यालय परिसर में लगे हरे भरे वृक्षों की कटाई की शिकायत जिलाधीश से अज्ञात सूत्रों द्वारा किए जाने व शिकायत सही पाए जाने के कारण जिलाधीश ग्वालियर की अनुशंसा पर 1 फरवरी 2021 को संभागीय आयुक्त द्वारा निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद शिक्षा महाविद्यालय में किसी भी अधिकारी को प्राचार्य पद का प्रभार ना देने के कारण शिक्षण महाविद्यालय प्राचार्य विहीन रहा जिससे महाविद्यालय के कार्य पर भी असर पड़ा। 

इसे देखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के द्वारा एस के मिश्रा को अतिरिक्त प्रभार प्राचार्य शासकीय शिक्षा महाविद्यालय का दायित्व सौंपा गया था। जिन पर पहले से ही संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग विधि प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी है। इस बीच जब 27 दिनों तक महाविद्यालय प्राचार्य विहीन रहा। उस दौरान अभिलाष चतुर्वेदी के निलंबन आदेश की प्रति राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल अथवा प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को ना भेजी जाकर आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग विंध्याचल भवन एवं अन्य अधिकारी को भेजी गई। यहां यह समझना जरूरी है कि शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्थ है। ना की उच्च शिक्षा विभाग के। 

पूरे मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में शैक्षणिक कार्यलीन स्टाफ स्कूल शिक्षा विभाग का ही होता है। उस में कहीं भी उच्च शिक्षा विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। 1 फरवरी से प्रभारी प्राचार्य अविनाश चतुर्वेदी के निष्कासन के बाद संभागीय आयुक्त ग्वालियर के पुनः 5 मई 2021 के आदेश के तहत अभिलाष चतुर्वेदी को प्राचार्य शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय को आरोप पत्रादि के उत्तर पर विषायोपरांत श्री चतुर्वेदी को बहाल कर दिया गया। परंतु आदेश में कहीं भी बहाली का स्थान उल्लेखित नहीं होने के कारण श्री चतुर्वेदी शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने 6 मई 2021 को उपस्थित हो गए। 

संभागीय आयुक्त महोदय के बहाली आदेश पत्र में पूर्व की तरह आदेश पत्र की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग को ना भेजते हुए पुनः आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई और इधर प्रभारी प्राचार्य एसके मिश्रा ने उनकी उपस्थिति भी दर्ज करा दी। अब सोचने वाली बात यह है कि किसी संस्थान से निलंबित अधिकारी को जब उसी संस्थान में पदस्थापना मिलेगी तो क्या उसके खिलाफ चल रही जांच प्रभावित नहीं होगी ? क्या  इस प्रकार की पदस्थापना की जा सकती है कि जिस संस्थान में उसके खिलाफ जांच चल रही हो और उसे उसी संस्थान में पदस्थापना मिल जाए।

इस बारे में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी संभालने वाले कहना है कि हमने आदेश मे यह नहीं देखा है उसमें बहाली इस संस्थान का नहीं लिखा है। हमारी तरफ ही रही है। इसे हम स्वीकारते हैं और इसके लिए आयुक्त महोदय को पत्र द्वारा अवगत करा देंगे। - एस के मिश्रा अतिरिक्त प्रभार प्राचार्य, शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय ग्वालियर एवं प्रभारी संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग विधि प्रकोष्ठ