CM शिवराज ने की कोरोना के नि:शुल्क इलाज की घोषणा…

मीडियाकर्मियों व उनके परिवार के सदस्यों को बड़ी राहत !

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के सभी अधिमान्य या गैर-अधिमान्य मीडियाकर्मी और संपादकीय विभाग के कर्मचारियों तथा इनके परिवार के सदस्यों के कोरोना से प्रभावित होने पर उनका नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन-जागृति का धर्म निभा रहे हैं। 

मीडिया साथियों के परिवार के कोरोना इलाज की चिंता भी सरकार करेगी। मुख्यमंत्री जी ने निवास पर जारी वीडियो वाइट में यह बात कही। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस विकट संकट में हमारे मीडिया के साथी दिन और रात अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ कर रहे हैं। जनता तक जानकारियाँ पहुँचाने के अपने धर्म का निर्वहन करते-करते कई मीडियाकर्मी संक्रमित भी हुए हैं, कुछ का दु:खद स्वर्गवास भी हो गया है।

ऐसे में यह आवश्यक है कि जो कोरोना संक्रमित हैं, उनके इलाज की उचित व्यवस्था हो। यदि कोई मीडियाकर्मी या उसके परिवार का सदस्य कोरोना संक्रमित होता है तो उसे उसके हाल पर नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामेन, फोटोग्राफर सभी को कव्हर किया जाएगा।

साथ ही मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जिन कोरोना मरीजों को ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड केयर की आवश्यकता है, उनका देखभाल कोविड केयर सेंटर में की जाए। इन सेंटर्स पर डॉक्टर की सलाह अनुसार ऐसे व्यक्तियों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ब्लेक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएँ स्थापित की जा रही हैं। 

इस बीमारी के लिए उपयोगी दवा की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला प्रशासन सतर्क रहे। मुख्यमंत्री जी मंत्रि-परिषद की बैठक के उपरांत कोरोना की स्थिति पर चर्चा कर रहे थे। मंत्रि-परिषद की वर्चुअल बैठक वंदे मारतम के गायन के साथ शुरू हुई। मुख्यमंत्री जी निवास से बैठक में सम्मिलित हुए। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कोरोना की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मंत्रि-परिषद के सदस्य और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।