जानिए कितने रुपए में मिलेगा एक पाउच…

DRDO की कोरोना दवा 2DG की कीमत हुई तय

इस महीने की शुरुआत में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने कोविड रोगियों में इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. डॉ रेड्डीज ने DRDO की 2DG एंटी-कोविड 19 दवा की कीमत 990 रुपए प्रति पाउच तय की है. हालांकि फार्मा कंपनी, सरकारी अस्पतालों, केंद्र और राज्य सरकारों को दवा दवा रियायतदी कीमत पर मुहैया कराई जाएगी. निर्माता ने गुरुवार को एंटी कोविड दवा 2-डीजी का दूसरा बैच जारी किया. डीआरडीओ के अधिकारियों ने 26 मई को कहा था कि 2डीजी दवा के 10,000 पाउच का दूसरा बैच 27 मई को डॉ रेड्डीज लैब द्वारा जारी करेगी। अधिकारियों ने ANI से बात करते हुए कहा कि दवा अब व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होगी. इस महीने की शुरुआत में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने कोविड रोगियों में इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. 

दवा की मंजूरी ऐसे वक्त में दी गई है जब कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है और उससे जंग लड़ रहा है. दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा, जिसमें हर रोज हजारों मरीजों को जान गंवानी पड़ी. लॉन्च के वक्त रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस दवा की मदद से कीमती जीवन को बचाने की उम्मीद है. कोविड-19 की चल रही दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है. इस दवा से कोरोना संक्रमण से जूझते लोगों के बचने की उम्मीद है क्योंकि यह दवा संक्रमित सेल पर काम करती है. यह कोविड-19 मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम करती है. इस दवा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला नामिकीय औषिध तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर बनाया है. 

इस दवा को कोरोना के इलाज में अन्य दवाओं का सहायक बताया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल मुख्य इलाज में मदद करने के लिए किया जाता है. 2-डीजी दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोल कर पीना होता है. बताया जा रहा है कि यह दवा सुबह-शाम लेनी होगी. डीआरडीओ की 2-डीजी दवा वायरस से संक्रमित कोशिका (सेल) में जमा हो जाती है और वायरस की वृद्धि को रोकती है. वायरस से संक्रमित कोशिका पर चुनिंदा तरीके से काम करना इस दवा को खास बनाता है. दवा के असर के बारे में कहा जा रहा है कि जिन लक्षण वाले मरीजों का 2डीजी से इलाज किया गया वे जल्दी ठीक हुए. रिसर्च के दौरान पाया गया कि इस दवा से इलाज करने पर मरीजों के इलाज के औसतन समय के मुकाबले 2.5 दिन कम समय लगा.