कलेक्टर ने की किल कोरोना अभियान की समीक्षा…

अधिकारी किल कोरोना अभियान को दें प्राथमिकता : श्री कार्तिकेयन

मुरैना। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि किल कोरोना अभियान कोविड को समाप्त करने के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इसलिये इस अभियान को अधिकारी प्राथमिकता से लें। यह अभियान पंचवर्षीय योजना न बनें। यह बात कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों से कही। बैठक में समस्त एसडीएम, डीपीओ, सीडीपीओ, तहसीलदार, सीएमएचओ, बीएमओ गूगल मीट से जुड़े हुये थे। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने कहा है कि जिले में लगातार कोरोना के पाॅजीटिव केस बढ़ रहें है, इनमें सस्पेक्टेट मरीजों को किल कोरोना अभियान में चिन्हित करना है। 

इसके लिये डीपीओ, राजस्व अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्र के लिये टीम गठित कर दी है। जिसमें एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, राजस्व के पटवारी, रोजगार सहायक टीम के साथ अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करके घर-घर सर्वे करें। कोई भी व्यक्ति सस्पेक्टेट व्यक्ति छूटना नहीं चाहिये। कलेक्टर ने कहा कि ये टीम अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर रही है, इसके बाद एसडीएम के निर्देशन में तहसीलदार, सीडीपीओ अपने-अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि ये टीमें वास्तविक क्षेत्रों मंे पहुंचे और लोंगो से संपर्क करें। जो लोग बीमार है, उन्हें किट प्रदान करें। इसके लिये अपने-अपने बीएमओ से संपर्क कर आवश्यक किट प्राप्त कर लें। उन्होंने सीमएचओ को निर्देश दिये है कि ग्रामीण क्षेत्रों से रैफर होकर आने वाले मरीजों से यह जरूर पूछे कि आपके यहां किल कोरोना अभियान में टीम आपके घर पहुंची कि नहीं। 

अगर वह मरीज मना करता है तो रजिस्टर में अंकित करें और मुझे को अवगत करायें, उस टीम के खिलाफ तो कार्रवाही होगी ही साथ ही ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाही होगी। कलेक्टर ने समस्त ब्लाॅको के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की कुल संख्या और सस्पेक्टेट मरीजों की संख्या के बारे मंे वन-2-वन बीएमओ एवं सीडीपीओ से फीडबैक लिया। कलेक्टर ने कहा कि किल कोरोना अभियान पंचवर्षीय योजना बनकर न रह जाये। इसको अपने-अपने क्षेत्रों में शीघ्र सर्वे करकेे इसके आंकड़े जिले को भिजवाना सुनिश्चित करें।