सांसद ने की संक्रमण की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों की समीक्षा…

क्राइसेस मैनेजमेंट समितियों के सदस्य संक्रमण की रोकथाम के लिए आगे बढ़कर प्रयास करें : शेजवलकर

ग्वालियर। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रदेश सरकार द्वारा त्रि-स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया है। जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय और पंचायत स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट समिति के सभी सदस्य कोरोना संक्रमण की रोकथाम और नागरिकों में जन जागृति लाने हेतु विशेष प्रयास करें। हम सबको स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के तहत अपने जिले, अपने ब्लॉक और अपनी ग्राम पंचायत को सबसे पहले कोरोना मुक्त बनाने का कार्य पूरी क्षमता के साथ करने की आवश्यकता है। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने गुरूवार को जिला पंचायत कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुरार, बरई, डबरा, भितरवार विकासखण्ड एवं ग्राम संकट प्रबंधन समूह के सदस्यों से चर्चा की। इस समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत किशोर कान्याल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दुबे, जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं क्राइसेस मैनेजमेंट समिति के सदस्यगण उपस्थित थे। क्षेत्रीय सांसद शेजवलकर ने कहा कि कोविड-19 के इस संकट के समय शासन-प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को संक्रमण की रोकथाम के लिये आगे आने की आवश्यकता है। 

जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता के साथ क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटियों का गठन कर कार्य किया जा रहा है। समिति के सभी सदस्य इस कार्य में पूरी रूचि लेकर संक्रमण की रोकथाम और जन जागृति के कार्य को अंजाम दें ताकि कोरोना जैसी बीमारी से हमें मुक्ति मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि हमें ग्रामीणों को यह भी बताना चाहिए कि कोरोना से डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उससे बचने के लिये सावधानी नितांत आवश्यक है। कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय सावधानी ही है। सोशल डिस्टेंसिंग, घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग और निरंतर अपने हाथों को सेनेटाइज करने या साबुन से धोने की आदत हमें अपने जीवन में डालना होगी। सांसद शेजवलकर ने समीक्षा के दौरान यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो भी पात्र हितग्राही हैं उनके आयुष्मान कार्ड अवश्य बनाए जाएं, आयुष्मान कार्डधारियों को सरकार द्वारा नि:शुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी पात्र हितग्राही आयुष्मान कार्ड से वंचित न रहे, इसके लिये भी क्राइसेस मैनेजमेंट समिति के सदस्य आगे बढ़कर कार्य करें। इसके साथ ही संकट की इस घड़ी में केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा पाँच माह का खाद्यान्न जरूरतमंदों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। 

सभी जरूरतमंदों को नि:शुल्क खाद्यान्न समय पर उपलब्ध हो, इसकी चिंता भी समिति के सदस्यों को करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में वितरित किए जा रहे खाद्यान्न की मॉनीटरिंग भी शासन-प्रशासन के साथ समिति के सदस्य करें और सभी पात्र लोगों को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। क्षेत्रीय सांसद शेजवलकर ने ग्रामीण क्षेत्र में क्राइसेस मैनेजमेंट समिति के सदस्यों से अपेक्षा की कि वे ग्रामीणों को समझाएं कि कोई भी व्यक्ति बाहर से अगर गाँव में आता है तो उसे कुछ समय पंचायत के क्वारंटाइन सेंटर में अनिवार्यत: क्वारंटाइन किया जाए। शेजवलकर ने कहा कि शासन द्वारा किल कोरोना-3 अभियान का संचालन भी किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में शतप्रतिशत घरों का सर्वे कर जिन लोगों में कोरोना के लक्षण हैं उनका चिन्हांकन, सेम्पलिंग का कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान जो लोग भी संक्रमित पाए जाते हैं उनका कोविड टेस्ट अनिवार्यत: कराया जाए। ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन अथवा संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाए। सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने बैठक में कहा कि देश में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का टीकाकरण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। हमारे जिले में भी जैसे-जैसे वैक्सीन की उपलब्धता हो रही है वैसे-वैसे वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। 

क्राइसेस मैनेजमेंट समिति के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें कि वे सभी लोग अपना टीकाकरण अनिवार्यत: कराएं। उन्होंने पंचायत स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट समिति की बैठकें नियमित आयोजित करने की बात भी कही। इन बैठकों के माध्यम से जागरूकता और संक्रमण की रोकथाम के लिये आवश्यक प्रबंधनों का निर्णय और क्रियान्वयन भी किया जाए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत किशोर कान्याल ने ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए जा रहे प्रबंधनों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किल कोरोना-3 अभियान के तहत भी सभी जनपद पंचायतों में सर्वेक्षण का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। टीकाकरण के लिये भी सभी जनपद पंचायतों में केन्द्र निर्धारित कर तेजी के साथ टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। ब्लॉक स्तरीय एवं ग्राम स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट समितियों की बैठक भी नियमित हो रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी कान्याल ने बताया कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिये जिले में लगाया गया जनता कर्फ्यू का पालन भी ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी सख्ती के साथ किया जा रहा है। जिन गांवों में कोविड के प्रकरण सामने आए हैं उनमें बेरीकेटिंग करने के साथ ही ग्रामीणों का गांव के बाहर जाना प्रतिबंधित किया गया है।