संक्रमितों की संख्या पहुंची 50000 के पार…

ग्वालियर में सोमवार को मिले 793 नए संक्रमित

ग्वालियर। सोमवार को एक बार फिर कोविड संक्रमित की लिस्ट राहत देकर गई है। 793 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 26 संक्रमित की मौत हुई है। शहर में लगातार सख्ती का माहौल है इसलिए संक्रमण की दर घटी है। शहर की सीआमों पर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को IG, DIG ने शहर के पुरानी छावनी, मालवा कॉलेज और बेला की बावड़ी बॉर्डर पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। साथ ही शहर में भी कई चैकिंग पॉइंट पर पुलिस जवानों का जोश बढ़ाया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के हालातों में धीरे-धीरे ही सही पर सुधार हो रहा है। ग्वालियर में भी बीते कुछ दिन में संक्रमण की दर नीचे गिरी है। बीते चार दिन से लगातार हर दिन एक हजार से नीचे ही नए संक्रमित मिल रहे हैं। जबकि चार दिन पहले तक यह संख्या हर दिन 1100 से 1200 के बीच आ रही थी। सड़क पर पुलिस की सख्ती और ताबड़तोड़ कार्रवाई का असर है कि लोग घरों में रहने को विवश है। 

शादियों पर भी रोक से संक्रमण को फैलने से रोका जा सका है। यही कारण है सोमवार को शहर के सभी बॉर्डर पर पुलिस ने कड़ी चैकिंग लगाई है। चैकिंग में कोई लापरवाही न हो इसके लिए IG ग्वालियर अविनाश शर्मा व DIG सचिन अतुलकर ने शहर के चैकिंग पॉइंट के साथ बॉर्डर के भी पॉइंट चैक किए हैं। सोमवार को 4042 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आई है, इनमें से 793 नए संक्रमित निकले हैं। इसके बाद कुल संक्रमित का आंकड़ा 50726 हो गया है। मंगलवार के लिए 4009 सैंपल भेजे गए हैं। 10 मई तक जिले में कुल एक्टिव कंटेनमेंट जोन की संख्या 310 हो गई है। अभी तक कुल सैंपलिंग 4 लाख 72 हजार 431 के पार हो गई है। सोमवार को 26 संक्रमित की मौत हुई है और इनके अंतिम संस्कार जिले के लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में कोविड गाइड लाइन से हुए हैं। प्रशासन ने सिर्फ 8 मौत की पुष्टि की है। जिसके बाद कुल मौत का आंकड़ा 975 पर पहुंच गया है। सोमवार को 800 संक्रमित ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए हैं। 

सोमवार को जिले में आधा सैकड़ा से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लगाई गई है। इसमें जिले के 14 सेंटर पर 18+ उम्र वालों को वैक्सीन लगनी थी। दिन भर में 1236 युवाओं को वैकसीन का डोज लगा है, जबकि कुल 5590 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। सोमवार को कई लोग ऐसे थे जिन्होंने 18+ उम्र वाले ग्रुप में वैक्सीन के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक किया था। पर जब वह सेंटर पर पहुंचे तो पता लगा कि उनका नाम तो पहले 100 लोगों में है ही नहीं। इस तरह की घटना एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया के परिवार के साथ भी हुई है। एडवोकेट भदौरिया ने बताया कि उन्होंने अरोग्य सेतू एप के जरिए एक दिन पहले स्लॉट बुक किया था। उनको 10 मई को मुरार जिला अस्पताल में 10 से 11 बजे का समय मिला था। घर के पांच सदस्यों की बुकिंग की गई थी। जब परिवार के सदस्य वहां पहुंचे तो वहां 100 लोगों की लिस्ट में किसी भी सदस्य का नाम नहीं था। इस पर उन्होंने CMHO मनीष शर्मा से भी शिकायत की।