सीएम पहले ही 30 अप्रैल तक कफ्र्यू की घोषणा कर चुके हैं…

बिना कारण बाहर निकलने वालों से पुलिस ने कराई ऊठक-बैठक

ग्वालियर। लगातार कोरोना के बढ़ते मामले और तेजी से हो रही संक्रमितों की मौत ने फिर से दहशत फैला दी है। अभी तक जो लोग कोरोना को मामूली सर्दी जुकाम कहकर सड़कों पर बिना कारण घूमते फिर रहे थे अब वह काम होने पर ही निकल रहे हैं। पहले की अपेक्षा सड़कों पर लोगों की चहल-पहल कम हुई है। इसके पीछे भी दो कारण है एक तो पुलिस सड़कों पर बेहद सख्त हो गई है दूसरा कोरोना से लगातार हो रहीं मौतों के बाद लोग डरे हुए हैं। बुधवार को जनता कफ्र्यू का सातवां दिन है। पर सीएम पहले ही 30 अप्रैल तक कफ्र्यू की घोषणा कर चुके हैं। संभव है बुधवार शाम तक ग्वालियर कलेक्टर कड़े प्रतिबंध के साथ गाइडलाइन के आदेश जारी कर दें। नए आदेश में सख्ती बढ़ाई जाएगी। अभी तक जो रियायत मिली थीं उनमें भी कटौती की जा सकती है। जैसे दूध, सब्जी के लिए बाजार खुलने और बंद होने के समय को कम किया जा सकता है।

ग्वालियर आईजी अविनाश शर्मा ने कुछ दिन पहले वायरलेस सेट पर जिले के पुलिस अफसरों और थाना प्रभारियों की काफी खिचाईं की थी। पुलिस को सड़कों पर न निकलने और लोगों को बिना कारण घूमने पर फटकार लगाते हुए सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने शहर में युद्ध स्तर पर चैकिंग शुरू कर दी है। मुरार, लश्कर व ग्वालियर सर्कल में 100 से ज्यादा चैकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। हर दिन 1200 से 1500 चालान पुलिस बना रही है। इसके अलावा बिना कारण सड़कों पर घूमने वालों से वहीं ड्यूटी कराना, कान पकड़वाना, ऊठक बैठक भी लगवा रही है। पुलिस की सख्ती इतनी है कि बाजारों को बैरीकेड्स लगाकर आवागमन बंद कर दिया है। सभी प्रमुख बाजारों का यही हाल है। जो दुकान खोलता हुआ नजर आता है उस पर जुर्माना या फिर दुकाने सील करने की कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को जिला प्रशासन ने सुबह-सुबह दो किराना दुकाने सील की है, जबकि पुलिस ने 2 दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज की हैं। इसके साथ ही इंदरगंज चौराहा पर स्कूटर सवार दो लड़कों को पकड़ा। 

पूछताछ की तो पहले अस्पताल जाने की कहने लगे। पड़ताल में पता लगा कि गुटखा लेने जा रहे थे। पुलिस ने दोनों से चौराहा पर ही ऊठक बैठक लगवाई है। पुलिस अफसरों के मुताबिक बाजारों और सड़कों पर कफ्र्यू के दौरान बीते कुछ दिनों की तुलना में चहल पहल कम हुई है। लोग बिना कारण उतना नहीं घूम रहे हैं। इसके कई कारण हैं पुलिस की सख्ती तो एक कारण है ही इसके साथ-साथ कोरोना के लगातार बढ़ते केस और हर दिन 20 से 25 मौत की दहशत है। इन सबके अलावा गर्मी अधिक होने से सुबह से लेकर शाम तक गर्मी के कारण सड़कों व बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ रहता है। बीते सात दिन की बात करें तो जनता कफ्र्यू का असर वैक्सीनेशन पर भी पड़ा है। कुछ लोग डर के चलते निकले ही नहीं है। यही कारण है कि बीते सात दिनों में तुलनात्मक रूप से कम लोग टीकाकरण केन्द्र तक पहुंचे हैं।