नगर-निगम द्वारा वर्ष 2021-22 के बजट में आरोपित…

नए कर एवं कर की दरों में की गई वृद्धि को अविलंब वापिस लिया जाए : MPCCI

ग्वालियर। नगर-निगम, ग्वालियर द्वारा वर्ष 2021-22 के बजट में आरोपित नए कर एवं कर की दरों में की गई वृद्धि को अविलंब वापिस लिए जाने हेतु एमपीसीसीआई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद ज्योतिरादित्य जी सिंधिया एवं विवेकनारायण शेजवलकर सहित नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, म. प्र. शासन भूपेन्द्र सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित संभागीय आयुक्त को पत्र प्रेषित किए हैं। MPCCI, अध्यक्ष-विजय गोयल, संयुक्त अध्यक्ष-प्रशांत गंगवाल, उपाध्यक्ष-पारस जैन, मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में अवगत कराया है कि कोरोना महामारी से समाज का प्रत्येक वर्ग बुरी तरह से परेशान है। इसका दुष्प्रभाव व्यापार-उद्योग के संचालन सहित आम नागरिकों के जीवन-यापन पर पड़ा है और कारोबार पर प्रतिकूल असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। 

बावजूद इसके नगर-निगम, ग्वालियर द्वारा कल, दि. 31 मार्च,21 को वर्ष 2021-22 के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें शहरवासियों पर करों का बोझ लाद दिया गया है। MPCCI द्वारा प्रेषित पत्रों में उल्लेख किया गया है नगर-निगम के लाभ के लिए आगामी बजट में शहरवासियों पर जल कर की राशि को दोगुना कर दिया गया है। साथ ही, अगले दो वर्ष में जलकर की राशि रु. 150/- प्रतिमाह से बढ़ाकर रु. 589/- किए जाने का प्रावधान किया गया है। जल कर का 60% सीवरेज के नाम पर कर देना होगा। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के नाम पर सफाई शुल्क भी लागू किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, सम्पत्ति कर को कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब से वसूलने का प्रावधान किया गया है। इसके कारण सम्पत्ति कर में 10% की बढ़ोत्तरी होगी। यह शहर की जनता पर अतिरिक्त भार स्वरूप है। 

पदाधिकारियों ने कहा है कि नगर-निगम के अधिकारियों द्वारा बजट पर जनप्रतिनिधियों से किसी भी प्रकार की कोई चर्चा नहीं की गई और न ही सामाजिक अथवा व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कोई सुझाव लिए गए हैं। नगर-निगम का यह बजट जनविरोधी होने के साथ-साथ शहरवासियों पर महँगाई की मार देने वाला है तथा वास्तविकता से परे है। नगर-निगम प्रशासन को बजट पास करने से पूर्व जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी सहमति लेनी चाहिए थी, परन्तु ऐसा नहीं किया गया और शहरवासियों पर नवीन करों का भार डाल दिया गया। पदाधिकारियों ने शासन से पुरजोर माँग की है कि कोरोनाकाल एवं महँगाई को ध्यान में रखते हुए, नगर-निगम, ग्वालियर द्वारा बजट 2021-22 में किए गए नवीन कर एवं पूर्व से लागू कर की दरों में की गई वृद्धि को अविलंब वापिस लिया जाए, ताकि नगर-निगम द्वारा करों की दरों में की गई बेतहाशा वृद्धि वापिस हो सके और इससे शहर के व्यवसाईयों, उद्योगपतियों सहित आमजनता को राहत मिल सके।