नए स्थानों को भी विकसित किया जा रहा…

अब बाघा बॉर्डर की तरह सुचेतगढ़ में भी पर्यटक देख सकेंगे बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी

इंदौर। भारत-पाकिस्तान की सीमा वाघा बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी जल्द ही जम्मू कश्मीर के सुचेतगढ़ बॉर्डर पर भी देखी जा सकेगी। जम्मू से महज 28 किलोमीटर दूर स्थित सुचेतगढ़ में लगा वटवृक्ष अपनी आधी जड़ें भारत की जमीं में बसाए खड़ा है तो आधी जड़ें पाकिस्तान की मिट्टी में फैलकर अपना दायरा बढा रही है। इस स्थान को पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनाने की कोशिश जम्मू कश्मीर का पर्यटन विभाग कर रहा है। 

इसी कड़ी में यहां वाघा बॉर्डर की तरह बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए इस स्थान का इंफ्रास्ट्रक्चर पर्यटकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। श्रीनगर के पर्यटन अधिकारी डॉ. राजेश रैना ने इंदौर प्रवास के दौरान चर्चा में बताया कि सुचेतगढ़ ऐसा स्थान है जहां अंतरराष्ट्रीय क्रासिंग होने से फायरिंग नहीं होती और इसलिए यह पर्यटकों के लिए सुरक्षित भी है। 

इसे और भी आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। रिट्रीट सेरेमनी के लिए विदेश, गृह और सुरक्षा मंत्रालय से भी चर्चा की जा रही है। वर्तमान में अभी यहां तीन से चार हजार पर्यटक आते है। जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर जावेद उर रहमान ने बताया कि सुचेतगढ़ की तरह पर्यटन के लिए दूधपथरी, भदरवा, यूसमर्ग, तोसम मैदान, बंगरावेली, गुरेज, अहरबल, बेरीनाग आदि स्थानों को विकसित किया जा रहा है।