एंटीलिया मामले में एनआईए ने किया बड़ा खुलासा…

पुलिस अफसर की गाड़ी से 5 लाख रूपए, नोट गिनने की मशीन समेत कई वस्तुएँ हुईं बरामद

मुंबई। मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से भरी स्कॉर्पियो मिलने के मामले में बड़ी साजिश सामने आई है | सूत्रों की माने तो मुंबई पुलिस के भीतर अफसरों का एक गिरोह बेंजा रकम कमाने के लिए कई गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा है | क्राइम ब्रांच के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे इस गिरोह के सदस्य मात्र है | अफसरों के गिरोह के सरगना की तलाश में एनआईए जुटी है | इस बीच उसके एक बड़े खुलासे के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे  निवास पर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।  इस बैठक में गृहमंत्री अनिल देशमुख , अजित पवार , अशोक चौहान समेत कई मंत्री शामिल हुए। हालांकि बैठक में क्या फैसला हुआ इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आयी है। अलबत्ता एनआईए ने खुलासा किया है कि पुलिस अफसर सचिन वाजे की एक काली मर्सडीज कार से पांच लाख रूपए नगद , नोट गिनने की मशीन समेत कई संदिग्ध वस्तुए बरामद हुई है। 

वाजे की  गिरफ्तारी के बाद से रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। मुकेश अंबानी के घर के बाहर स्कॉर्पियो पार्क करने वाले पीपीई किट पहने शख्स की तस्वीर पर अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा है कि वह शख्स निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ही थे। वाजे ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पीपीई किट नहीं बल्कि बड़े साइज का कुर्ता पायजामा पहना था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आज बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज में पीपीई किट पहने नजर आया शख्स सचिन वाजे ही थे। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए ढीला ढाला कुर्ता पायजामा पहना था और सिर पर रुमाल बांधा था, जो पीपीई किट पहनने जैसा नजर आ रहा था। एनआईए ने बताया कि एजेंसी ने मंगलवार को वाजे के कार्यालय से एक लैपटॉप जब्त किया था। 

लेकिन खास बात यह है कि इसमें से सारा डाटा डिलीट कर दिया गया है। वाजे से उनका मोबाइल मांगा  गया था, इस पर वाजे ने कहा कि उनका मोबाइल कहीं खो गया है। जबकि जांच में पता चला कि वाजे ने मोबाइल जानबूझकर फेंका था। एनआईए के मुताबिक  वाजे का करीब  शख्श इनोवा चला रहा था। इससे पहले, एनआईए के सूत्रों ने बताया था कि वह सचिन वाजे ही थे, जो इनोवा को चलाकर कर के स्कॉर्पियो के पीछे-पीछे उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास तक ले गए थे। इनोवा के सरकारी ड्राइवर ने एनआईए को बताया कि 24 फरवरी को उसकी ड्यूटी खत्म होने के बाद उसने इनोवा को पुलिस हेडऑफिस के अंदर खड़ा किया और घर चला गया। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि वहां से कार को लेकर कौन गया था। रजिस्टरों पर वाहन की आवाजाही की कोई एंट्री नहीं की गई थी। 

आधिकारिक नियमों के अनुसार, सरकारी वाहन के आने और जाने को एक रजिस्टर में लॉग इन करना होता है। एनआईए को शक है कि स्कॉर्पियो को वाजे का करीबी कॉन्स्टेबल ही चला रहा था। मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर 25 फरवरी को जिलेटिन की छड़ों भरी एक स्कॉर्पियो मिली थी। जांच में पता चला कि इस स्कॉर्पियो का मालिक कारोबारी मनसुख हिरेन थे। मामला तब बड़ा हो गया, जब 3 मार्च को मनसुख का शव मिला। बाद में विवाद बढ़ने के सरकार ने जांच एनआईए को सौंप दी। एनआईए और एटीएस एंटीलिया स्कॉर्पियो मामला और मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जांच कर रही हैं। अंदेशा जाहिर किया जा रहा है कि मुंबई पुलिस के भीतर अफसरों का संगठित गिरोह अवैध कमाई के लिए कई बड़े अपराधों को अंजाम देने में जुटा है। इन अफसरों को मिल रहा राजनैतिक संरक्षण भी चर्चा का विषय बना हुआ है।