नन्ही विधायिका कु. मुस्कान रजक ने किया भूमिपूजन…

ग्वालियर दक्षिण के सभी सरकारी स्कूल 2023 तक स्मार्ट बनाएंगे : पाठक 

ग्वालियर। ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रवीण पाठक  ने कहा है कि ग्वालियर दक्षिण के सभी सरकारी स्कूलों को जुलाई  2023 तक स्मार्ट स्कूल बनाया जाएगा। कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को मैथ्स और इंग्लिश में आने वाली दिक्कत को दूर करने के लिए क्षेत्र के सभी वार्डों में निःशुल्क कोचिंग शुरू की जाएगी जिससे कि हमारे बच्चे किसी से पीछे न रहें। ढोली बुआ  पुल के पास सूबे के बाड़े में जेकब परेड स्कूल के भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रवीण पाठक ने यह घोषणा की। भूमिपूजन स्कूल की छात्रा एवं नन्ही विधायक व कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुस्कान रजक ने किया।" 

सामान्य तौर पर नेतागण अथवा जनप्रतिनिधि भूमि पूजन या अन्य कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हैं लेकिन ग्वालियर दक्षिण से विधायक प्रवीण पाठक हमेशा कुछ नया सोचते और नवाचार करते रहते हैं इसी कड़ी में विधायक प्रवीण पाठक ने दक्षिण विधानसभा के सभी शासकीय विद्यालयों में अपने प्रतिनिधि के तौर पर उसी विद्यालय के छात्र अथवा छात्रा को नन्हे विधायक के रूप में नियुक्त किया है जिसके माध्यम से विधायक श्री पाठक विद्यालय में आने वाली समस्याओं एवं विद्यालय की प्रगति के बारे में लगातार जानकारी लेते रहते हैं। विधायक श्री पाठक विद्यालयों से संबंधित किसी भी कार्यक्रम में उस विद्यालय के नन्हे विधायक को महत्व देते हुए नन्हे विधायक को मंच पर  अपने साथ बिठाते हैं।

इसी के चलते जैकब परेड स्कूल की नन्ही विधायिका कुमारी मुस्कान रजक को आज के कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाकर आमंत्रित किया गया एवं नन्हीं विधायक से ही स्कूल भवन निर्माण का भूमि पूजन करवाया गया। इस अवसर पर विधायक प्रवीण पाठक ने कहा कि वे किसी के दबाव या प्रभाव में नहीं बल्कि अपने स्वभाव के अनुसार काम करते है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने से काफी पिछड़ गया था। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा को ठीक करना सबसे पहले जरूरी है, इसीलिए उन्होंने इसकी शुरूआत बड़े अस्पताल से की। आज बड़े अस्पताल की दशा और दिशा बदली है। 

वहीं हमने क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूलों को बदलने का बीडा़ उठाया है। हम चाहते हैं कि सरकारी स्कूल और प्रायवेट स्कूलों में जो अंतर है वह समाप्त होना चाहिए। स्कूलों को स्मार्ट बनाने की मुहिम को हम तभी सफल मानेंगे जब सरकारी स्कूल में बच्चों को पढाने वाले शिक्षक भी अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाने लगेंगे। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को वैसे ही शिक्षित करें जैसे अपने बच्चों को पढाते हैं। उन्होंने कहा कि मामा का बाजार तथा सिकंदर कंपू में बन रहे स्कूल जिस दिन बनकर तैयार  हो जाएंगे, उस दिन हम कह सकेंगे कि इनके बराबर प्रदेश में कोई स्कूल नहीं है।