वीरता और साहस का अद्धितीय प्रदर्शन…

15वीं अन्तर सीमान्त कमाण्डों टीम प्रतियोगिता का हुआ समापन


ग्वालियर। सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर के कमाण्डों प्रषिक्षण क्षेत्र में आयोजित 15वीं अन्तर सीमान्त कमाण्डों टीम प्रतियोगिता का समापन आज सीमा सुरक्षा बल के लालातेंदु मोहंती, अपर महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल (मुख्य अतिथि) की उपस्थिति में हुआ। 15वीं अन्तर सीमान्त कमाण्डों टीम प्रतियोगिता में 10 कमाण्डो टीम ने भाग लिया था। आज सुरक्षा की दृष्टि से देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहाहै।हमारी जमीनी एवं समुद्री दोनों सीमाएं राष्ट्र विरोधी तत्वों की घुसपैठ की दृष्टि से काफी संवेदनशील हो गयी हैं। नक्सलवाद/आतंकवाद काफी उग्र रूप धारण कर चुका है तथा कई राज्य इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। नक्सलवाद एवं आतंकवाद के आतंक को नाकाम करने के लिए सीमासुरक्षा बल की तैनाती की जा चुकी है। 

लालातेंदु मोहंती,  अपर महानिदेशक, अकादमी टेकनपुर ने विजयी टीम को बधाईऔर शुभकामनाएं देते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि आपके जीवन में ऐसे कई अवसर आएंगे, जहां आपको कमांडो ऑपरेशन की सिखलायी का इस्तेमाल करते हुए, नक्सलवाद एवं आतंकवाद की गंभीर चुनौतियों एवं खतरों का सामना कर, अपने मानसिक एवं शारीरिक साहस का परिचय देना होगा। यह प्रतियोगिता टीम वर्क का एक आदर्ष उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। इस तरह की प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण  के कारण सीसुबल द्वारा सीमा पर उचित जवाब दिया जा सका। साथ ही मुख्य अतिथि महोदय ने उन सभी प्रतिभागियों को भी बधाई दी, जिनको प्रथम द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त नहीं हो सका, उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगिता में भाग लेना ही अपने आप में महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं।

इस प्रतियोगिता में नार्थ बंगाल सीमान्त प्रथम, जम्मू सीमान्त द्वितीय एवं गुजरात सीमान्त ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, तथा व्यक्तिगत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्षन कर प्रथम स्थान जम्मू सीमान्त के कमाण्डों आरक्षक मुस्ताक अहमद ने प्राप्त किया।जिन्हें मुख्य तिथि महोदय ने ट्रौफियां एवं मेंडल प्रदान कर सम्मानित किये। एवं प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु अपना महत्वपूर्ण सहयोग देने के लिए सभी अधिकारियों को सृमति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम के 24 सदस्यों ने हिस्सा लिया और प्रत्येक टीम को अलग-अलग लक्ष्य दिया गया था, जिससे उसे जरूरी सामान व हर प्रकार के टारगेटों को बर्बाद करने वाले हथियार गोला-बारूद तथा विशेष प्रकार के यंत्रों से लैस होकर पूरा करना होता था। 

प्रतियोगिता में कमाण्डो टीम ने छापामार युद्ध की विद्याओं का प्रदर्षन किया। टीम के सभी सदस्यों को कई-कई घण्टे ऑपरेशन करने की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता के कौषल का प्रदर्षन करना भी प्रतियोगिता का एक हिस्सा था। कमाण्डों एक जज्बे का नाम है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिंक रूप से मजबूती तथा विपरीत परिस्थितियों में भी विचलित न होते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने की इच्छाशक्ति होती है और बल के अधिक से अधिक जवानों मे इस जज्बे को उभारना इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य होता हैं। समापन समारोह में अपर महानिदेषक/निदेषक, अकादमी टेकनपुर के अलावा रामअवतार, महानिरीक्षक/संयुक्त निदेषक, अकादमी टेकनपुर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी तथा अन्य कार्मिक उपस्थित थे।