महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव के दर पर राजनेता...

महाशिवरात्रि के अवसर पर देश भर के मंदिरों में भक्तों का लगा रहा तांता, तो ग्वालियर में भी सभी शिव मंदिरों पर अटूट भीड़ रही। इस भीड़ के बीच लोग कोरोना जैसी महामारी को भी भूल गए, सोशल डिस्टेंसिंग को भी भूल गए। वे तो सिर्फ और सिर्फ भक्ति में सराबोर होकर सब कुछ भूल कर अपने आराध्य के दर्शनों के लिए कतारों देर रात से ही लग गए। जहां लोगों की इतनी भीड़ हो तो भला राजनीति और राजनीति से जुड़े लोग पलक पीछे कैसे रह सकते हैं। यही कारण रहा कि राजनेता भी अपने आलीशान घरों से निकल मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए निकल पड़े। सीएम शिवराज महाशिवरात्रि के दिन हेलीकॉप्टर द्वारा ग्वालियर होते हुए भिंड पहुंचे। 

भिंड पहुंचकर उन्होंने देश की सबसे बड़ी भगवान भोलेनाथ की लगभग 85 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। अनावरण के बाद विधि विधान से रावतपुरा सरकार धाम में पूजन अर्चन किया इस दौरान उनकी पत्नी श्रीमती साधना सिंह भी साथ रहीं। पूजन करने के बाद उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी की। इधर ग्वालियर में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने लाव लश्कर के साथ कोटेश्वर मंदिर पहुंचे और मंदिर के गर्भ गृह में पहुंचकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। हालांकि इस दौरान आमजन जो मंदिर में दर्शन करने के लिए घंटों से लाइन में लगे हुए थे उन्हें इस मंदिर में प्रवेश देने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

महाशिवरात्रि के अवसर पर गुप्तेश्वर मंदिर प्रांगण क्षेत्र में एक छोटा सा मेला भी लगा हुआ था इस मेले में खानपान की दुकानों के साथ-साथ खेल खिलौने आदि सामान की बिक्री भी हो रही थी।इन विक्रेताओं के बीच एक हाथ ठेले वाला ऐसा भी था जो कुछ किताबें बेच रहा था, इन किताबों में किसी एक बाबा के द्वारा कुछ ऐसी बातें बताई गई थी जो बजरंग दल के लोगों को पसंद नहीं आई तो उन्होंने इसका विरोध कर दिया विरोध इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और उस दुकानदार को अपनी दुकान समेट कर वापस जाना पड़ा। आप भी देखिए इस घटना के पीछे क्या सही है ? क्या गलत है? यह हम आप पर छोड़ते हैं।