शहर का एक ऐसा शिव मंदिर जहाँ यम और शिव दोनों की होती है पूजा...

महा शिवरात्रि के अवसर पर कतार में लगे भक्तों की यह भीड़ इस बात का सूचक है कि इस मंदिर के प्रति लोगों में कितनी आस्था है ।आखिरकार ऐसी वह कौन सी बात है जो भक्तों को इस मंदिर के प्रति आस्थावान बनाती है। इस बात की जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि ग्वालियर के गोपाचल पर्वत के निकट और फूलबाग चौराहे के पास श्री मारकंडेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्धि यह मंदिर वर्षों से लोगों के बीच आस्था व श्रद्धा का केंद्र यूं ही नहीं रहा है बल्कि इस मंदिर के पीछे किवदंती के अनुसार कहा जाता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं पर से अकाल मृत्यु का साया हट जाता है। 

इस मंदिर के बारे में जो कथा प्रचलन में है उसके अनुसार एक बार ऋषि मारकंडेश्वर के पुत्र की अकाल मृत्यु के योग बन जाने के कारण उसके प्राण हरने के लिए जब स्वयं यमराज आये तो घटना का पता ऋषि मारकंडेश्वर को भी चल गया। ऋषि मारकंडेश्वर अपने आराध्य भगवान शिव से अपने पुत्र के प्राणों की रक्षा करने की प्रार्थना करने लगे और स्वयं उनका पुत्र शिवलिंग लिपट गया। अपने आराध्य के प्रति इतनी आस्था व भक्ति देख स्वयं भक्त भावन भोलेनाथ ने प्रकट होकर यमराज को ऋषि मारकंडेश्वर के पुत्र के प्राण करने से रोक दिया था। 

यही कारण है कि आज भी लोग अपने परिजनों और स्वयं की सुख समृद्धि व लंबी आयु पाने की कामना लिए इस मंदिर में नियमित रूप से पूजा करने आते हैं और शिवरात्रि वाले दिन इस मंदिर में पूजा अर्चना करने का अलग ही महत्व माना जाता है । इसीलिए लोग शहर के बड़े-बड़े मंदिरों में जाने के बजाय यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं। तो आप भी देखिए इस मंदिर की एक झलक जी न्यूज़ 24 कैमरे के माध्यम से महाशिवरात्रि के अवसर पर और पाइए शिव की कृपा।