दुकानों पर लगेगा नोटिस होगी कार्रवाई...

मेले में बगैर अनुमति लगी दुकाने अवैध घोषित !

ग्वालियर। ग्वालियर व्यापार मेला के आयोजन की घोषणा नहीं हुई है और कुछ दुकानदारों ने मेले में अपनी दुकानें भी सजा ली है, एवं बिक्री भी शुरू कर दी है। जबकि कोविड -१९ के चलते अभी मेला लगाने की कोई वैद्य तिथि घोषित नहीं की गई है। इसलिए बगैर अनुमति के लगाई गई पूरी तरह से अवैध हैं। मेला प्राधिकरण इन दुकानों को हटाने की कार्रवाई भी कर सकता है। स्वयं एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि दुकानदारों का बिना मेला की घोषणा के दुकानें लगभग पूरी तरह गलत है , जो भी नियमों के तहत कार्रवाई होगी। अब दूसरी ओर मेला प्राधिकरण बिना मेला घोषणा के दुकानें लगाने वाले दुकानदारों को अवैध कब्जे मानकर दुकानें हटाने के नोटिस दे रहा है। प्रतिवर्ष १५ दिसंबर से आबाद होने वाला ग्वालियर व्यापार मेला इस वर्ष कोविड -१९ संक्रमण के तहत शुरू नहीं हो सका है। मेला प्राधिकरण व राज्य शासन ने ग्वालियर व्यापार मेले को आयोजन को हरी झंडी नहीं दी है। शासन का मानना है कि मेले मे प्रतिदिन लाखों सैलानी जुटते हैं जिससे कोविड -१९ ग्वालियर महामारी का रूप ले सकता है। ग्वालियर व्यापार मेले में हर वर्ष भागीदारी करने वाले दुकानदार मेले की आस लगाये बैठे है। उनका मानना है कि मेले के आयोजन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है, वहीं स्थानीय पर्यटन भी बढ़ता है। 

मेला व्यावसायी संघ के सचिव महेन्द्र भदकारिया व प्रवक्ता अनिल पुनियानी लगातार मेला आयोजन के लिये भरपूर कोशिश कर रहे हैं। वह आधा दर्जन बार भी भोपाल हो आये हैं, अब वह मेला आयोजन को लेकर हताश तो है लेकिन कमजोर नहीं पडे है। उनका कहना है कि मेला दुकानदार व व्यापाराी तैयार है, बस शासन इसकी घोषणा कर दे, तो हम सात दिन में दुकानें सजा भी लेंगे। प्रवक्ता अनिल पुनियानी कहते है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अंचल के नेता राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर ही हम सबकी निगाहें टिकी है। हमें अभी भी विश्वास है कि महाराज पहल कर ग्वालियर मेला लगवायेंगे। क्योंकि मेले से हमारों परिवारों की साल भर की रोजी रोटी बंधी है। ग्वालियर व्यापार मेला क्या मप्र चैंबर ऑफ कामर्स और कैट की आपसी प्रतिस्पर्धा की भेंट चढ़ गया है। अब इसके लगने में संशय है। चेंबर ऑफ कामर्स पहले मेला आयोजन का श्रेय लूटना चाहता था और इसके लिये वह पत्र व्यवहार पर टिका रहा। वहीं कैट के भूपेन्द्र जैन और मुकेश अग्रवाल मेला व्यवसायी संघ के पदाधिकारियों को शताब्दी से भोपाल ले उड़े और मंत्री से मिलकर जनवरी के प्रथम सप्ताह में ही आयोजन की घोषणा भी कर डाली। 

जिसका भाजपा व सिंधिया समर्थक चेंबर पदाधिकारियों में कडा विरोध रहा और इसकी परिणिति यह हुई की मेला पूरी तरह से टल गया। ऐसा लगता है कि ग्वालियर व्यापार मेला लगने के अब कतई आसार नहीं हैं, केवल 7 फरवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ग्वालियर आगमन पर मेला आयोजन की घोषणा पर सबकी निगाह है कि शायद मुख्यमंत्री इसका ऐलान कर दें। एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने आज सायं इस प्रतिनिधि से चर्चा में कहा कि बिना आदेश के मेले में दुकानें लगाना शासन के आदेश की अवहेलना है। मेरी समझ में नहीं आता कि वहां अधिकारी क्या कर रहे है। जब कोविड -१९ मं कोरोना संक्रमण काल के तहत सामाजिक दूरी व अन्य बचाव उपाय करने हैं, तो मेले में अभी दुकानें लगाना गलत है और इन पर शासकीय नियमोंं के तहत कार्रवाई बनती है। मेला दुकानदार शासन के नियमों से बड़े नहीं है। क्या अपनी मर्जी से दुकानें लगा लेंगे। सखलेचा ने कहा कि मेला दुकानदारों को शासन के आदेश के बाद ही कोई भी काम करना चाहिये था। में मेला सचिव से पूरी जानकारी ले रहा हूं। ग्वालियर मेले के संदर्भ में अब मुख्यमंत्री जी को निर्णय लेना है, वह जो भी उचित निर्णय लेंगे जो जनहित में होगा। 

इधर मेला सचिव निरंजन लाल श्रीवास्तव ने चर्चा में कहा कि मेले मे बिना परमीशन की जो दुकानें लग गई है, और कारोबार कर रहीं है उन सभी दुकानों का सर्वे कर नोटिस तैयार किये जा रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि मेला कर्मचारी यह सर्वे कर रहे हैं और वह स्वयं कल ग्वालियर पहुंच कर नोटिस जारी करेंगे। ताकि इन अवैध दुकानों पर कार्रवाही हो सके। मेला व्यपारियो की सोमवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि भारत सरकार व मध्यप्रदेश शासन द्वारा नई गाइड लाइन के तहत लगबग देश के सभी व्यापारिक कार्यक्रमो को अनुमति प्रदान की गई है एवं देश के विभिन्न प्रदेशों में समस्त मेलो की अनुमति जारी कर दी गयी है।इसी के तहत श्रीमंत माधोराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले को भी अति शीघ्र अनुमति प्रदान करने की मांग केंद्रीय नेतृत्व माननीय नरेन्द्र सिंह तोमर एवं राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान एवं ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ग्रह मंत्री माननीय नरोत्तम मिश्रा,लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री माननीय ओम प्रकाश सकलेचा, ऊर्जा मंत्री माननीय प्रधुम्न सिंह तोमर,परिवहन मंत्री माननीय गोविंद सिंह राजपूत ,प्रदेश अध्यक्ष वि डी शर्मा,प्रदेश मीडिया प्रमुख लोकेन्द्र पराशर इत्यादि से अविलम्ब दिनांक घोषित करने की मांग की है।