कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर दिए निर्देश...

मिलावट करने वालों के विरूद्ध हो सख्त कार्रवाई : श्री सिंह

ग्वालियर। एंटी माफिया अभियान के तहत सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई करें। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई हो। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों की बैठक में यह निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि एंटी माफिया अभियान के तहत सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र में शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाए। ऐसे अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करने के साथ-साथ पुलिस प्रकरण भी दर्ज कराया जाए। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने यह भी निर्देशित किया कि मिलावट करने वालों के विरूद्ध भी जो अभियान चलाया जा रहा है उसे प्रभावी रूप से सम्पूर्ण जिले में चलाया जाए। सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से निरीक्षण कर मिलावट करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करें। ऐसे लोगों के विरूद्ध पुलिस प्रकरण भी कायम कराया जाए। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों को यह भी कहा कि उनके क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और मिलावट करने वालों के विरूद्ध इतनी कार्रवाई की जाए कि कोई भी व्यक्ति यह हिम्मत न कर पाए कि मिलावट करें अथवा शासकीय भूमि पर कब्जा कर सकें। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन भी जिले में बेहतर हो, यह सुनिश्चित किया जाए। 

राजस्व प्रकरणों का निराकरण राजस्व अधिकारी का सर्वप्रथम दायित्व है। जिले के किसी भी राजस्व अधिकारी के क्षेत्र में राजस्व प्रकरण निराकृत न होने की शिकायत नहीं मिलना चाहिए। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। बैठक में सभी राजस्व अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर तत्परता से भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई जाए और अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध भी मामला दर्ज कराया जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया है कि जिन प्रकरणों में न्यायालयों द्वारा आदेश पारित किए गए हैं उन्हें तत्काल अभिलेखों में दर्ज कर आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए।